खुली मिठाई खरीदने से पहले जान सकेंगे कब बनी, कब तक रहेगी सही…उत्तराखंड में इस दिन से लागू होगा नियम
From October 26, the date of manufacture and the 'use-by' date must be displayed on sweet trays and counters.

देहरादून, 21 अक्टूबर 2026। मिठाई की दुकान पर सजी मिठाइयों को खरीदते समय अब ग्राहक यह भी जान सकेंगे कि वे कब बनाई गई थीं और कब तक खाने योग्य हैं। उत्तराखंड में 26 अक्टूबर से खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे व काउंटर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट या यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान सामने आया था कि खुली मिठाइयों की निर्माण तिथि और उनके इस्तेमाल की अंतिम तारीख की जानकारी ग्राहकों को नहीं मिल पा रही थी। दुकानों पर मिठाइयां बिक्री के लिए रखी होती थीं, लेकिन ग्राहकों को यह पता नहीं चल पाता था कि उन्हें कब तैयार किया गया है और वे कितने समय तक खाने योग्य रहेंगी।
विभाग के अनुसार, मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की उपयोग अवधि उनकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग होती है। कुछ उत्पाद केवल एक दिन तक उपयोग योग्य होते हैं, जबकि कुछ की अवधि 30 दिन तक हो सकती है। ऐसे में निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है।
ट्रे और काउंटर पर स्पष्ट दिखानी होगी तारीख
नए आदेश के तहत दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे या काउंटर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। यह व्यवस्था पूरे उत्तराखंड में लागू होगी। इससे ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी और उपयोग अवधि के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आदेश
विभाग ने यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18(1)(a) और 30(2)(d) में निहित प्रावधानों के मद्देनजर लिया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा, जनस्वास्थ्य का संरक्षण और खाद्य कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाना है। खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय के अनुसार, निरीक्षण के दौरान खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की निर्माण तिथि तथा उपयोग अवधि की जानकारी उपलब्ध नहीं होने की समस्या सामने आई थी। इसे देखते हुए 26 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि उपभोक्ता जागरूक होकर सुरक्षित खाद्य पदार्थों का चयन कर सकें।



