
दून के रंगमंच से मायानगरी के रूपहले पर्दे तक बबीता के अभिनय की छाप
सांस्कृतिक विरासत, सरलता और आत्मीयता ने दिया अभिनेत्री बबीता अनंत के व्यक्तित्व को आकार, बबीता अनुभवी एवं बहुमुखी प्रतिभा की धनी ऐसी अभिनेत्री हैं, जिन्होंने रंगमंच, दूरदर्शन, फिल्म, वेब सीरीज व विज्ञापन समेत विभिन्न मंचों पर अपने सशक्त अभिनय से बनाई विशिष्ट पहचान

देहरादून (Global Ganga News): बचपन से ही कला, संगीत, साहित्य और सिनेमा में गहरी रुचि रखने वाली अभिनेत्री बबीता अनंत पर मुंशी प्रेमचंद, लियो टॉलस्टाय, मैक्सिम गोर्की, निकोलाई ऑस्त्रोवस्की जैसे महान रचनाकारों का गहरा प्रभाव रहा। इनकी रचनाएं न केवल मानवीय संवेदनाओं को समझने में उनकी मददगार बनीं, बल्कि उन्हें अभिव्यक्त करने की दृष्टि भी मिली। सिनेमा की दुनिया में व्ही शांताराम, गुरु दत्त, विमल रॉय, श्याम बेनेगल, संजय लीला भंसाली, विधु विनोद चोपड़ा, फरहान अख्तर, जोया अख्तर, प्रकाश झा जैसे नामचीन निर्देशकों की फिल्मों ने उनमें अभिनय के प्रति गहरी रुचि उत्पन्न की।यही वजह है कि बबीता के लिए सिनेमा केवल पर्दे पर चलती कहानियों का नाम नहीं है, बल्कि संवेदना, अनुभव और समाज की धड़कनों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम भी है।

पर्वतीय अभिरंग नाट्य अकादमी से शुरू हुआ सफर
बबीता का रंगमंच से रुपहले पर्दे तक का सफर तमाम उतार-चढ़ाओं से भरा है। वर्ष 2006 में बेटे विप्लव अनंत के साथ देहरादून की ‘पर्वतीय अभिरंग नाट्य अकादमी’ से जुड़ना उनके जीवन में निर्णायक मोड़ साबित हुआ। शुरुआत में वह एक अभिभावक के तौर पर अकादमी से जुड़ीं, लेकिन इस जुड़ाव ने शीघ्र ही उन्हें रंगमंच की सक्रिय साधक बना दिया। बबीता की प्रतिबद्धता एवं संगठनात्मक क्षमता ने उन्हें ‘पर्वतीय अभिरंग नाट्य अकादमी’ की सचिव के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंचाया।

बबीता ने हर मंच पर दर्ज कराई अपनी उपस्थिति
रंगमंच से शुरू हुई उनकी यात्रा शीघ्र ही दूरदर्शन और फिल्मों तक पहुंच गई। उत्तराखंड दूरदर्शन, राष्ट्रीय दूरदर्शन और कश्मीर दूरदर्शन से लेकर हिंदी सिनेमा तक, उन्होंने हर मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। देहरादून और मुंबई के प्रतिष्ठित सभागारों में अनेक नाटकों में उनका अभिनय दर्शकों द्वारा सराहा गया। उन्होंने पृथ्वी थिएटर व नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) सहित देहरादून के प्रतिष्ठित मंचों पर अनेक नाटकों में अभिनय किया। बबीता अब तक 33 फिल्म, 12 वेब सीरीज, अनेक धारावाहिक, शॉर्ट फिल्म, विज्ञापन और रियलिटी शोज में विविध भूमिकाएं निभा चुकी हैं। रईस (शाहरुख खान), कौन बनेगा करोड़पति के प्रोमो (अमिताभ बच्चन) के साथ अभिनय उनके करियर के उल्लेखनीय पड़ाव हैं।

इन फिल्मों में किया अभिनय
‘बधाई दो’, ‘ब्लर’, ‘रिवाज’, ‘रईस’, ‘हेलीकॉप्टर ईला’ ‘रागदेश’, ‘दिल बेचारा’, ‘राज बजरंगी’, ‘आखिरी प्यार’, ‘छू ले आसमान’, ‘लव डे’, ‘साइलेंट हीरोज’, ,सेटेलाइट शंकर,, ‘ब्रह्मास्त्र’, ‘बच्चा गैंग’, ‘बूंदः अ ब्लू डायमंड’, ‘विशारदा’, ‘डियर जिंदगी’, ‘पीएम मोदी’ व ‘राधे’।

लघु फिल्में
‘द अदर वे’, ‘कॉइनसिडेस’, ‘बेटी’, ‘दहेज’, ‘पहल’ व ‘मीठी ईद’।

वेब सीरीज
‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 3’, ‘महारानी सीजन 3’, ‘अनदेखी’, ‘भाक’, ‘लाखों में एक’, ‘शिट यार’, ‘सिटी ऑफ ड्रीम्स’, ‘हैलो मिनी’, ‘बैंड वाले’ व ‘तंदूर’।

संक्षिप्त परिचय
देहरादून में जन्मीं बबीता नाट्य एवं संगीत में परास्नातक, बीएड और जनसंपर्क एवं विज्ञापन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा धारक हैं। बबीता ने देहरादून के मार्शल स्कूल, शिवालिक इंटरनेशनल, विवरली पब्लिक स्कूल, आरआईएमसी आदि में अध्यापन भी किया। पांच दशक की आयु पार करने के बाद भी उनकी ऊर्जा, समर्पण और काम के प्रति प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं आई है। देहरादून की मिट्टी से जुड़े संस्कार और मुंबई की मेहनत से संवरता यह सफर इस बात का सशक्त प्रमाण है कि सच्ची लगन और निरंतर प्रयास से हर सपना साकार किया जा सकता है।

हर भूमिका में उनकी स्वाभाविकता और गहराई
‘साली मोहब्बत’, ‘बधाई दो’, ‘ब्लर’, ‘रिवाज” जैसी फिल्मों से लेकर ‘महारानी 3’, ‘सिटी ऑफ डीम्स’ और ‘अनदेखी’ जैसी लोकप्रिय वेब सीरीज के साथ ही धारावाहिक ‘जोधा अकबर’, ‘सुरभि’, ‘साब जी’, ‘तू आशिकी’ आदि में बबीता के विविध किरदार उनके अभिनय कौशल के गवाह हैं। हर भूमिका में उनकी स्वाभाविकता और गहराई उन्हें एक गंभीर अभिनेत्री के रूप में स्थापित करती है।





