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अब गुलदार ने लोहाघाट में बनाया 13 वर्षीय किशोर को निवाला

A leopard has now claimed a 13-year-old boy as its prey in Lohaghat.

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अब गुलदार ने लोहाघाट में बनाया 13 वर्षीय किशोर को निवाला

उत्तराखंड में लोगों के लिए काल बने जंगली जानवर, बाघ, भालू व गुलदार के हमले में कब किसके जीवन की डोर कव जाए, कहा नहीं जा सकता

देहरादून, 05 नवंबर 2026: उत्तराखंड में जंगली जानवर लोगों के लिए काल बन गए हैं। खासकर बाघ, गुलदार, भालू व हाथियों ने उनका जीना दुश्वार किया हुआ है। गुलदार तो कब किसकी जिंदगी लील ले, कहा नहीं जा सकता। गुरुवार को चंपावत की ग्राम पंचायत सुई पऊ के डूंगरी तोक में गुलदार ने 13 वर्षीय किशोर पर हमला कर उसे मार डाला। प्रदेश में वन्यजीवों के हमले में इस साल की यह 58वीं मौत है। दो दिन पहले ही पौड़ी जिले के वजली गांव में गुलदार ने एक आठ वर्षीय बच्चे को निवाला बना डाला था।

घर से महज 50 मीटर पहले घात लगाए बैठा गुलदार उसे उठाकर झाड़ियों की ओर ले गया। घटना से पूरे गांव में दहशत है। प्रदेश में इस साल अब तक वन्यजीवों के
हमले में यह 58वीं मौत है। दो दिन पहले गढ़वाल के पौड़ी जिले में स्थित वजली गांव में गुलदार ने आठ साल की मासूम की जान ले ली थी। डूंगरी तोक निवासी गंगादत्त पुजारी का 13 वर्षीय पुत्र हर्षित पुजारी बुधवार देर शाम राइकोट से मेला देखकर घर लौट रहा था। वह घर के पास पहुंचा ही था कि झाड़ियों में घात लगाकर बैठा गुलदार उस पर झपट पड़ा। गुलदार उसे दबोचकर ले गया। काफी देर तक हर्षित के घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोग चिंतित हो गए और उन्होंने गांव के अन्य लोगों के साथ उसकी तलाश शुरू की। रात साढ़े नौ बजे हर्षित का शव बरामद हुआ। गुलदार ने उसके पेट और जांघ का हिस्सा बुरी तरह नोंचा हुआ था। उसके गले में भी दांतों के गहरे निशान थे। घटना के बाद वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए गांव के पास दो पिंजरों के साथ आसपास छह ट्रैप कैमरे और एक लाइव कैमरा भी लगाया है।

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