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गंगा में इस बार 15 सितम्बर के बाद शुरू होगी राफ़्टिंग

गंगा का जल स्तर बढ़ने के बाद गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति ने बीते 24 जून को राफ्टिंग का संचालन बंद कर दिया था। लेकिन, इस बार अभी भी वर्षा का दौर जारी है, इसलिए तय शेड्यूल के अनुसार पहली सितंबर से राफ़्टिंग शुरू नहीं हो पाएगी।

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देहरादून : गंगा में राफ्टिंग का नया सीजन इस बार करीब 15 दिन के विलंब से यानी 15 सितंबर के बाद शुरू होने की उम्मीद है। इससे पहले तकनीकी समिति स्थिति का आकलन करेगी, तब जाकर इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। दरअसल, गंगा का जल स्तर बढ़ने पर बीते 24 जून को राफ्टिंग पर रोक लगा दी गई थी। आमतौर पर हर साल एक जुलाई से 31 अगस्त तक मानसून सीजन में राफ्टिंग बंद रहती है और पहली सितंबर से दोबारा शुरू होती है।
इस साल मानसून समय से पहले आ गया था। साथ ही गंगा का जल स्तर भी बढ़ गया था, जिसे देखते हुए समिति ने तय समय से छह दी पहले राफ्टिंग पर रोक लगा दी। वर्तमान में भी लगातार वर्षा चल रही है और गंगा का जल स्तर बढ़ा हुआ है। ऋषिकेश में गंगा लगातार चेतावनी निशान के पार बह रही है। ऐसी स्थिति में एक सितंबर से राफ्टिंग शुरू नहीं की जा सकती। शासनादेश में एक सितंबर से राफ्टिंग शुरू करने की अनुमति है, लेकिन स्थिति प्रतिकूल होने पर इसे टाला जा सकता है। अब सितंबर के पहले सप्ताह में समिति की ओर से बनाई गई तकनीकी कमेटी स्थिति का आकलन करेगी और 15 सितंबर के बाद किसी भी दिन राफ्टिंग को दोबारा शुरू करा दिया जाएगा।
576 राफ्टों के संचालन की अनुमति
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गंगा में देवप्रयाग से मुनिकीरेती तक 576 राफ्टों के संचालन की अनुमति है। लेकिन, जून में जब राफ्टिंग बंद हुई, तब 263 कंपनियों की 560 राफ्ट ही चल रही थीं। दरअसल, कुछ कंपनियों का सुरक्षा संबंधी मामला चल रहा था, इसलिए अनुमति से कम राफ्टों का संचालन हो रहा था।
राफ्टिंग के लिए 2014 में बनी थी नियमावली
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उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग एवं कयाकिंग नियमावली-2014 के तहत मानसून में राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी जाती है। आमतौर पर मौसम साफ रहता है तो 30 जून तक राफ्टिंग होती है। पिछले कुछ साल से मानसून में बारिश का पैटर्न बदला है। जुलाई आखिर और सितंबर की शुरुआत तक बारिश होती है। इसलिए 15 सितंबर के बाद राफ्टिंग फिर शुरू की जाती है।
राफ्टिंग के साथ जुड़ी हैं अन्य पर्यटन गतिविधियां
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राफ्टिंग के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। खासतौर से सप्ताहांत में दिल्ली-एनसीआर से आने वालों की तादात अधिक रहती है। राफ्टिंग के साथ कैंपिंग, होटलों और अन्य पर्यटन-संबंधी गतिविधियां भी जुड़ी हैं। जिससे स्थानीय लोग  भी जुड़े हुए हैं। राफ्टिंग के लिए आने वाले अधिकांश लोग कैंपों में रुकना पसंद करते हैं।
गंगा में इन स्थानों से होती है राफ़्टिंग
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राफ्टिंग क्षेत्र       खारास्रोत तक दूरी
ब्रह्मपुरी             छह किमी
गोल्फ कोर्स       आठ किमी
शिवपुरी            18 किमी
मरीन ड्राइव       24 किमी

पिछले सीजन आए 2.64 लाख पर्यटक
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गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति के अनुसार पिछले सीजन में 23 सितंबर से राफ्टिंग शुरू हुई थी और आठ दिन में 5947 पर्यटक ऋषिकेश पहुंचे। जबकि, अक्टूबर में 19075, नवंबर में 13361, दिसंबर में 9891, जनवरी में 6823, फरवरी में 15760, मार्च में 48806, अप्रैल में  64321, मई में 47576 और जून में 32819 पर्यटक राफ़्टिंग को पहुंचे।

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