क्राइम

नशे की लत ने चोर बनाया, चोरी ने जेल पहुंचाया

Drug addiction made him a thief, theft sent him to jail

खबर को सुनें


नशे की लत ने चोर बनाया, चोरी ने जेल पहुंचाया

  • अस्थायी राजधानी में शातिर स्कूटी चोर गिरफ्तार, तीन वाहन भी किये गए बरामद

  • आरोपित को था सफेद रंग की स्कूटी चलाने का शौक, इसलिए चुराता था सफेद रंग के वाहन

देहरादून, 13 सितम्बर 2025: अस्थायी राजधानी में बढ़ते स्ट्रीट क्राइम पर दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर वाहन चोर को दबोच लिया है। आरोपी से चोरी की तीन स्कूटी बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी नशे का आदी है और अपने शौक व नशे की पूर्ति के लिए वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। खास बात यह रही कि आरोपी को सफेद रंग की स्कूटी चलाने का शौक था और वह ज्यादातर सफेद रंग की गाड़ियों को ही निशाना बनाता था।
थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने बताया कि 19 अगस्त को हीरो शोरूम के बाहर से एक व्यक्ति की स्कूटी चोरी हो गई थी। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा दर्ज किया गया और एसएसपी देहरादून के निर्देश पर टीम गठित की गई। लगातार सुरागरसी और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद 13 सितम्बर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ट्यूलिप फार्म के पास चैकिंग के दौरान आरोपी सूरज भंडारी (28) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी की स्कूटी संख्या UK07AZ 4388 बरामद हुई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने नेहरू कॉलोनी और डालनवाला क्षेत्र से दो अन्य स्कूटी भी चोरी की थीं, जिन्हें उसकी निशानदेही पर पारिजात एंक्लेव के पास झाड़ियों से बरामद किया गया। आरोपी ने चोरी की गई गाड़ियों को ओएलएक्स के जरिए बेचने की कोशिश भी की थी।
सूरज भंडारी मूल रूप से शक्ति विहार, रायपुर का रहने वाला है और पूर्व में भी वाहन चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ डालनवाला और नेहरू कॉलोनी थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी के पूरे आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button