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एक्सट्रीम अल्ट्रा रन से नीती-मलारी घाटी में पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

Extreme Ultra Run will give national recognition to tourism and adventure activities in Niti-Malari Valley

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एक्सट्रीम अल्ट्रा रन से नीती-मलारी घाटी में पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

31 मई से हो रही घाटी में तीन दिवसीय नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026 की शुरुआत, 27 राज्यों के 933 धाव77क दिखाएंगे दम, उत्तराखंड से भाग लेंगे 675 धावक

देहरादून, 28 मई 2026: चीन सीमा से लगी चमोली जिले में नीती-मलारी घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए 31 मई से दो जून तक यहां तीन दिवसीय नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026 का आयोजन हो रहा है। इससे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन व साहसिक खेलों के साथ वाइब्रेंट विलेज योजना को नई उड़ान तो मिलेगी ही, स्थानीय लोगों को रोजगार के क्षेत्र में लाभ मिलने की भी उम्मीद है।

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की ओर से बॉर्डर टूरिज्म इनिशिएटिव के तहत हो रही नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में देश के 27 राज्यों के धावक प्रतिभाग कर रहे हैं। अब तक 933 प्रतिभागी पंजीकरण करा चुके हैं, जिनमें 675 प्रतिभागी उत्तराखंड से हैं। अल्ट्रा रन के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। प्रतियोगियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन इनर लाइन परमिट प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।

खास रहेगी मैराथन और माउंटेन बाइक रेस

नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन  के तहत पांच, 10, 21 व 42 किमी और सबसे कठिन 75 किमी मैराथन दौड़ आयोजित की जाएगी। इसके लिए अब तक 150 प्रतिभागी पंजीकरण करा चुके है। घाटी के चुनौतीपूर्ण रास्तों पर 15 व 30 किलोमीटर की माउंटेन बाइक रेस भी आयोजित की जाएगी। इस तीन दिनी प्रतियोगिता का रूट रिमखिम-मलारी-नीती-मलारी निर्धारित किया गया है।

पर्यटन की अपार संभावनाएं समेटे है नीती-मलारी घाटी

अपनी अलौकिक छटा के लिए प्रसिद्ध नीती-मलारी घाटी में भोटिया जनजाति के लोग निवास करते हैं। शीतकाल में ये लोग निचले स्थानों पर स्थित गांवों में आ जाते
हैं। घाटी में नीती गांव के पास स्थित टिम्मरसैंण महादेव गुफा के अंदर फरवरी में बर्फ के पांच से सात शिवलिंग आकार लेते हैं और अप्रैल तक यथावत बने रहते हैं। लोगों ने इन शिवलिंगों को बाबा बर्फानी नाम दिया हुआ है और अमरनाथ की तरह यहां भी यात्रा शुरू करने पर जोर दे रहे हैं। इसके अलावा घाटी में कई दर्शनीय स्थल हैं, जिन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो स्थानीय लोगों की तकदीर बदलने में देर नहीं लगेगी। इस एक्सट्रीम अल्ट्रा रन से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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