अंतरराष्ट्रीयउत्तराखंडऑफबीटपर्यटनप्रेरणायूथराष्ट्रीयस्पोर्ट्स

20 जून को होगा ‘माणा पास चैलेंज 2026’ का आयोजन, एवरेस्ट के बेस कैंप से भी अधिक ऊंचाई पर दौड़ेंगे धावक

The 'Mana Pass Challenge 2026' will be held on June 20, with runners taking on a higher altitude than Everest Base Camp.

खबर को सुनें


20 जून को होगा ‘माणा पास चैलेंज 2026’ का आयोजन, एवरेस्ट के बेस कैंप से भी अधिक ऊंचाई पर दौड़ेंगे धावक

‘समिट आर सरेंडर’ हिमालयन रेस सीरीज के तहत चमोली जनपद में समुद्रतल से 18,368 फ़ीट की ऊंचाई पर होगा यह आयोजन, हाई एल्टीट्यूड एंड्योरेंस स्पोर्ट्स को बढ़ावा देना है इसका उद्देश्य, 50 और 25 किमी श्रेणी के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि पांच जून, जबकि 10 और पांच किमी श्रेणी के लिए 15 जून है निर्धारित

देहरादून, 28 मई 2026: चीन सीमा पर उत्तराखंड के माणा पास क्षेत्र में आगामी 20 जून को ‘माणा पास चैलेंज 2026’ का आयोजन होगा। चमोली जनपद में समुद्रतल से 18,368 फ़ीट की ऊंचाई पर होने वाली यह एक्स्ट्रीम हाई एल्टीट्यूड रोड एंड्योरेंस रेस एवरेस्ट के बेस कैंप से भी अधिक ऊंचाई पर होगी। सारमंग सोसाइटी की ओर से आयोजित यह प्रतियोगिता ‘समिट आर सरेंडर’ हिमालयन रेस सीरीज का हिस्सा है।

माणा पास रोड देश की तीसरी सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क एवं दुनिया की सबसे ऊंचाई वाली सड़कों में शामिल है। यहां होने वाली इस चुनौतीपूर्ण रेस को चार श्रेणियों में आयोजित किया जाएगा। इनमें 50 किमी एक्स्ट्रीम एल्टीट्यूड रोड रेस, 25 किमी हाई एल्टीट्यूड एंड्योरेंस रेस, 10 किमी हाई एल्टीट्यूड रोड रन और पांच किमी हाई एल्टीट्यूड एक्सपीरियंस रन शामिल हैं। 50 और 25 किमी रेस माणा पास क्षेत्र से शुरू होंगी, जबकि 10 और पांच किमी श्रेणी की दौड़ माणा गांव से शुरू होकर वहीं समाप्त भी होगी। आयोजन का उद्देश्य हाई एल्टीट्यूड एंड्योरेंस स्पोर्ट्स को बढ़ावा देना और प्रतिभागियों को नियंत्रित हिमालयी परिस्थितियों में रेसिंग की अनुभूति कराना है।

सारमंग सोसाइटी के सचिव अनिल मोहन ने बताया कि इवेंट में मेडिकल प्रिपेयर्डनेस, एक्लाइमेटाइजेशन, इमरजेंसी रिस्पांस और सुरक्षित आपरेशनल मैनेजमेंट पर विशेष फोकस रहेगा। 50 और 25 किमी श्रेणी के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि पांच जून, जबकि 10 और पांच किमी श्रेणी के लिए 15 जून निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि यह केवल रोड रेस नहीं, बल्कि हिमालयी परिस्थितियों में अनुशासन, तैयारी और सहनशक्ति की वास्तविक परीक्षा है।

खूबसूरती का अनमोल खजाना है यहां

माणा पास देश के पहले गांव माणा से 52 किमी की दूरी पर चीन सीमा के पास स्थित है। नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व में आने वाले माणा दर्रे के पास ही  सरस्वती कुंड, परी कुंड व देवताल जैसे खूबसूरत और पवित्र जलाशय स्थित हैं। यह एक संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है, इसलिए यहां आमजन को जाने की अनुमति नहीं है।  यहां जाने के लिए ज्योतिर्मठ स्थित एसडीएम कार्यालय व स्थानीय प्रशासन से विशेष परमिट लेना होता है। सर्दियों में यह क्षेत्र पूरी तरह बर्फ से ढका रहता है। सड़क से बर्फ साफ होने के बाद गर्मियों और मानसून के शुरुआती महीनों में सेना और पर्यटकों का मूवमेंट शुरू होता है।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button