अंतरराष्ट्रीयउत्तराखंडयूथराष्ट्रीयव्यक्तित्वस्पोर्ट्स

फुटबॉल के रंग में रंगने तो तैयार दुनिया

The world is ready to be painted in the colors of football.

खबर को सुनें


फुटबॉल के रंग में रंगने तो तैयार दुनिया

  • 11 जून को दोपहर 1:30 बजे पूर्वी समय के अनुसार मैक्सिको सिटी स्टेडियम में मेजबान मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा फीफा वर्ल्ड कप-2026 का पहला मुकाबला

  • 19 जुलाई को अमेरिका के ईस्ट रदरफोर्ड, न्यू जर्सी स्थित न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा फाइनल मुकाबला

  • 39 दिन चलने वाले फीफा वर्ल्ड कप में 48 टीमें 104 मैचों में बेखेरेंगी अपना जलवा, अमेरिका के 11 शहर करेंगे 78 मुकाबलों की मेजबानी

देहरादून, 02 जून 2026: दुनिया फुटबॉल के रंग में रंगने को तैयार है। इस बार फुटबॉल के महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप-2026 की मेजबानी अमेरिका, मैक्सिको व कनाडा संयुक्त रूप से कर रहे हैं। वर्ल्ड कप का उद्घाटन मुकाबला11 जून को दोपहर 1:30 बजे पूर्वी समय के अनुसार मैक्सिको सिटी स्टेडियम में मेजबान मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच होगा। जबकि, फाइनल मैच 19 जुलाई को ईस्ट रदरफोर्ड, न्यू जर्सी स्थित न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा। 39 दिन चलने वाले फीफा वर्ल्ड कप में 48 टीमें 104 मैचों में अपना जलवा बेखेरेंगी। खास बात यह कि वर्ल्ड कप के 78 मुकाबलों की मेजबानी अमेरिका के 11 शहर करेंगे।

आबादी 150 करोड़, फीफा रैंकिंग 142

भारत 150 करोड़ से अधिक की आबादी वाला दुनिया का पहला देश है। जबकि, फीफा वर्ल्ड कप में उसकी रैंकिंग 142 है। देहरादून निवासी पूर्व राष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी, रेफरी एवं अंतर्राष्ट्रीय कोच विरेन्द्र सिंह रावत कहते हैं कि इतना बड़ा देश, हर प्रकार की सुविधाएं, संसाधन, ग्राउंड, खिलाड़ियों व खाने-रहने समेत हर महत्वपूर्ण सुविधा की कोई कमी नहीं, फिर भी हम फुटबॉल में कहीं नही हैं। कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि हम 11 बेहतरीन खिलाड़ी हम देश को फीफा वर्ल्ड कप के लिए नहीं दे पा रहे। आखिर ऐसा कब तक चलता रहेगा।

टीमों और खिलाड़ियों पर होगी धनवर्षा

इस बार फीफा वर्ल्ड कप में कुबेर का खजाना खुलने वाला है। पहली बार विजेता टीम को 430 करोड़, उपविजेता टीम को 284 करोड़, तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 249 करोड़, क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करने वाली आठ टीमों में से प्रत्येक को 163 करोड़, प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली 16 टीमों में से प्रत्येक को 129 करोड़ और वर्ल्ड कप खेलने वाली प्रत्येक टीम को 90 करोड़ की धनराशि प्रदान की जाएगी।

दिखेगा दिग्गज खिलाड़ियों का जलवा

इस फुटबॉल विश्व कप में  लियोनल मेसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और मोहम्मद सालेह जैसे दिग्गज खेलते दिखेंगे। इन तीन खिलाड़ियों समेत 13 दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो आखिरी बार फुटबॉल विश्व कप में दिख सकते हैं। इसके अलावा किलियम म्बाप्पे, एर्लिंग ब्राउट हालैंड, नेमार, जूड बेलिंघम, विनीसियस जूनियर जैसे स्टार खिलाड़ियों पर भी दुनिया के फ़ुटबॉल प्रेमियों की नजर रहेगी।

200 से अधिक देश खेल रहे फुटबॉल, हम क्रिकेट में खुश

वर्ष 2022 तक फुटबॉल विश्व कप में जहां 32 टीम खेला करती थी, वहीं 2026 में पहली बार 48 टीमें खेलती नजर आएंगी। पूर्व राष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी विरेन्द्र सिंह रावत के अनुसार वर्ष 2018 में उन्होंने घोषणा की थी कि अगर भारत की टीम ग्रासरूट पर अच्छा काम करेगी तो 2026 में टीमें अधिक होने पर वह विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर सकती है। अफ़सोस कि भारतीय फुटबॉल अभी भी राजनीति की भेंट चढ़ी हुई है।क्रिकेट के रूप में अंग्रेज भारत देश को जो गुलामी की  निशानी दे गए थे,  बस! उसी को खेलकर और जीतकर आठ देश खुशियां मना रहे हैं। जबकि, विश्व मे फुटबॉल खेलने वाले देशों की संख्या 200 से ऊपर है।

 

50 हजार की आबादी वाले देश खेल रहे फुटबॉल

इस वर्ष फीफा वर्ल्ड कप में छोटे-छोटे देश, जिनकी आबादी 50 हजार से एक करोड़ और अधिकतम पांच से दस करोड़ के बीच है, वे भी खेल रहे हैं। हम तो इससे भी सबक लेने को तैयार नहीं हैं। अगर देश के हर राज्य में खेलो से जुड़े भ्रष्ट लोगों को नहीं हटाया जाएगा तो इंडियन फुटबाल कभी भी नहीं सुधरने वाली। हम तो केवल मैच देखने में ही अपनी इच्छा पूरी करते रह जाएंगे, जैसे कि अब तक करते आ रहे हैं।

काश! हम भी फीफा वर्ल्ड कप खेल पाते

 

हम चाहें तो भारत  वर्ष 2034 में फीफा वर्ल्ड कप खेल सकता है। बस! हम सबको मिलकर हर गांव, ब्लॉक, जिला व राज्य में फुटबाल की नर्सरी पैदा करनी होगी और ईमानदार लोगों को जिम्मेदारी देनी होगी। तभी हम देश में फुटबाल के अलावा अन्य खेलों का विकास कर सकते हैं। काश! ऐसा हो पाता।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button