
चमोली, 20 सितंबर 2025 : चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में हाल ही में आई आपदा ने जब जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया, तो मुख्यमंत्री से मिल पहाड़ों के सब्र का बांध टूटता नजर आया । शनिवार को जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रभावित गांवों के निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम थीं और दिल भरे हुए। वर्षों की मेहनत से बने घर मलबे में तब्दील हो चुके हैं, पशुधन खोने का दुख और अपनों को खोने की पीड़ा शब्दों से परे थी। मुख्यमंत्री को सामने देखकर कई लोगों के सब्र का बांध टूट गया और वे भावुक होकर अपने दुख बयान करने लगे।
मुख्यमंत्री ने कुंतारी लगा फाली और सरपाणी गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया और धुर्मा, मोख, कुंडी, बांसबारा और मोखमल्ला गांवों का हवाई सर्वेक्षण कर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावितों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में कोई कोताही न हो। विशेष रूप से विद्युत, पेयजल और सड़क संपर्क बहाल करने के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने जानकारी दी कि अब तक 45 भवन और 15 गौशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, 8 पशुओं की मौत हो गई है और 40 पशु लापता हैं। हेलीकॉप्टर की मदद से 12 घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया, जिनमें एक को एम्स ऋषिकेश और बाकी को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
आपदा प्रभावितों को राहत शिविरों में खाद्य सामग्री, आश्रय, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री, स्थानीय विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।



