उत्तराखंडऑफबीटपर्यटनयातायात

दून के मुख्य मार्गों को संवारने में जुटा एमडीडीए

MDDA is busy in improving the main roads of Doon

खबर को सुनें


दून के मुख्य मार्गों को संवारने में जुटा एमडीडीए

देहरादून. 26 अक्टूबर 2025 : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) शहर को स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाने में जुटा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने रविवार को सुबह-सवेरे राजपुर रोड और दिलाराम चौक में विकास कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों और मजदूरों से काम की गुणवत्ता पर चर्चा की।

मुख्य हाइलाइट्स:

  • सड़कों और डिवाइडरों का सौंदर्यीकरण: राजपुर रोड पर पेंटिंग, पौधरोपण और दीवारों पर भित्तिचित्र (म्यूरल आर्ट) का काम तेजी से चल रहा है।

  • दिलाराम चौक से हाथीबड़कला तक: दीवारें रंग-बिरंगी पेंटिंग से सजी हैं, जो राहगीरों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती हैं।

  • विकास केवल कागजों तक सीमित नहीं: उपाध्यक्ष ने कहा कि परियोजनाओं का असर सड़कों, दीवारों और नागरिक जीवन में महसूस होना चाहिए।

  • स्थानीय भागीदारी: अधिकारी और नागरिक दोनों को अभियान में शामिल करने पर जोर।

  • उत्साह और प्रेरणा: उपाध्यक्ष की सक्रिय उपस्थिति से कर्मचारियों और मजदूरों में जिम्मेदारी और मेहनत बढ़ी।

आगे की योजनाएँ:

राजपुर रोड के बाद दिलाराम चौक, हाथीबड़कला, ईसी रोड, सहारनपुर रोड और आईएसबीटी क्षेत्र में सौंदर्यीकरण कार्य शुरू होंगे।
एमडीडीए का उद्देश्य है कि देहरादून का हर क्षेत्र “क्लीन एंड ग्रीन सिटी” के रूप में पहचाना जाए।

उपाध्यक्ष का संदेश:

“देहरादून शहर उत्तराखंड की पहचान है। हमारा लक्ष्य इसे स्वच्छ, सुव्यवस्थित और खूबसूरत शहर बनाना है। नागरिकों की भागीदारी के बिना यह संभव नहीं।”

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button