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टिहरी झील में आंधी से प्लेटफार्म टूटा, डगमगाए फ्लोटिंग हट्स, एसडीआरएफ सभी 30 पर्यटक बचाए
Storm in Tehri Lake collapses platform, sways floating huts, SDRF rescues all 30 tourists

टिहरी झील में आंधी से प्लेटफार्म टूटा, डगमगाए फ्लोटिंग हट्स, एसडीआरएफ सभी 30 पर्यटक बचाए
ऐहतियातन फ्लोटिंग हट्स के संचालन पर लगाई रोक, हादसे के कारण और सुरक्षा मानकों की जांच को पांच सदस्यीय कमेटी गठित,शासन ने भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पर्यटन विभाग को दिए एसओपी बनाने के निर्देश
ऋषिकेश में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली चार राफ्टिंग कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई, राफ्टिंग एवं साहसिक खेल विभाग ने ऋषिकेश में राफ्टिंग कंपनियों की गतिविधि पर 15 दिनों के लिए लगाई रोक
निरीक्षण में पर्यटकों को जीर्ण-शीर्ण लाइफ जैकेट और निम्न गुणवत्ता के हेलमेट पहनाने की बात आई सामने, राफ्टिंग कंपनियों को नियम-कायदों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश

देहरादून, 03 मई 2026: जबलपुर के क्रूज बोट हादसे के तीन दिन बाद शनिवार देर शाम उत्तराखंड की टिहरी झील में भी ऐसा ही हादसा सामने आया। वह तो गनीमत रही कि समय पर रेस्क्यू कर सभी 30 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया, अन्यथा बड़ी अनहोनी घट सकती थी। दरअसल, झील में संचालित फ्लोटिंग हट्स (तैरते आवास) तेज आंधी और तूफान के बीच अचानक डगमगाने लगे, जिसकी वजह हट्स के लिए प्लेटफार्म के रूप में बनाई गई जेटी का जोड़ (नट) टूटना माना जा रहा है। इसी को देखते हुए ऋषिकेश में गंगा राफ्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने को लेकर राफ्टिंग एवं साहसिक खेल विभाग सख्त हो गया है। इसी क्रम में विभाग ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली चार राफ्टिंग कंपनियों की गतिविधि पर रविवार को 15 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही लापरवाही बरतने वाले कंपनी संचालकों को भविष्य में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
गंगा नदी में राफ्टिंग के दौरान अक्सर पर्यटकों की सुरक्षा में लापरवाही की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए राफ्टिंग एवं साहसिक खेल अधिकारी (मुनिकीरेती-टिहरी) जसपाल चौहान ने राफ्टिंग कराने वाली चार कंपनियों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान इन राफ्टिंग कंपनी की राफ्ट में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही पकड़ में आई। इसके बाद साहसिक खेल अधिकारी की सिफारिश पर पर्यटन मुख्यालय ने संबंधित राफ्टिंग कंपनियों की गतिविधि पर रोक लगा दी है। साथ ही आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बता दें कि राफ्टिंग कंपनी संचालकों के राजनीतिक पृष्ठभूमि से होने और बड़े नेताओं से नजदीकी के चलते इससे पहले कई अधिकारी इस तरह की कार्रवाई से बचते रहे हैं। लेकिन, जबलपुर के बाद अब टिहरी की घटना ने अधिकारियों की आंखें खोलने का काम किया है। हालांकि, देखने वाली बात होगी कि यह आंखें कब तक खुली रहती हैं।





