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20 अक्टूबर को ही मनेगी दीपावली

Diwali will be celebrated on October 20 only

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20 अक्टूबर को ही मनेगी दीपावली

पर्व को लेकर किसी तरह का असमंजस नहीं, 21 अक्टूबर को है स्नान-दान व श्राद्ध की अमावस्या

रजनी चंदर,  देहरादून, 17 अक्टूबर 2025

दीपावली कब मनेगी, इसे लेकर तरह तरह की बातें हो रही हैं। कोई कह रहा है, 20 अक्टूबर को तो कोई 21 अक्टूबर को। यह स्थिति पंचांगों की बहुलता के कारण उतपन्न हुई है। इसलिए भी लोग असमंजस हैं कि पड़वा तिथि (अन्नकूट पर्व) 22 अक्टूबर को पड़ रही है, जबकि धनतेरस 18 अक्टूबर को। ऐसी परिस्थिति में असमंजस होना स्वाभाविक है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि आपको सही स्थिति से परिचित कराएं। 

दीपावली का पर्व कार्तिक कृष्ण अमावस्या को पड़ता है। इस बार कार्तिक अमावस्या की तिथि 20 अक्टूबर को अपराह्न 3:44 बजे आरंभ होगी और 21 अक्टूबर की शाम 5:55 बजे तक रहेगी। ज्योतिषाचार्य स्वामी दिव्येश्वरानंद बताते हैं कि 20 अक्टूबर को प्रदोष व्यापिनी अमावस्या अपराह्न 3:44 बजे शुरू होगी। यदि सायंकाल में प्रतिपदा तिथि आरंभ होती है तो इस बीच दीपावली मनाने का कोई औचित्य नहीं है। सो, प्रदोषकाल के अनुसार इस बार 20 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जानी चाहिए। क्योंकि 20 अक्टूबर को ही प्रदोषकाल मिल रहा है। 

इस दिन लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6:56 बजे से रात 8:04 बजे तक है। यह अवधि प्रदोषकाल के अंतर्गत आती है। प्रदोषकाल शाम 5:46 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक रहेगा। इस दौरान कुंभ, वृषभ और तुला लग्न का भी दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसलिए लक्ष्मी पूजा इसी समय करना उचित होगा। 

धनतेरस 

  • त्रयोदशी तिथि पर 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजे शुरू होगी और 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 बजे तक रहेगी। 

  • पूजा का मुहूर्त: 18 अक्टूबर रात 07:16 बजे से रात 08:20 बजे तक।

छोटी दीपावली (नरक चतुर्दशी) 

  • चतुर्दशी तिथि पर 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 बजे से शुरू होकर 20 अक्टूबर अपराह्न 3:44 बजे तक रहेगी।

  • पूजा का मुहूर्त: 19 अक्टूबर शाम 05:47 बजे से  रात 08:57 बजे तक।

दीपावली 

  • अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर दोपहर 3:44 बजे शुरू होगी और 21 अक्टूबर शाम 5:54 बजे तक रहेगी।

  • लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त: प्रदोषकाल में 20 अक्टूबर रात 07:08 बजे से रात 08:18 बजे तक।

  • निशिता (निशीथ) काल मुहूर्त रात 11:41 से रात 12:31 बजे तक।

  •  21 अक्टूबर को स्नान-दान व श्राद्ध की अमावस्या रहेगी। 

गोवर्धन पूजा

प्रतिपदा तिथि 21 अक्टूबर शाम 5:54 बजे शुरू होगी और 22 अक्टूबर रात 8:16 बजे तक रहेगी।

पूजा का मुहूर्त: 

गोवर्धन पूजा के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं

  • पहला 22 अक्टूबर सुबह 06:26 बजे से सुबह 08:42 बजे तक।

  • दूसरा 22 अक्टूबर अपराह्न 03:29 बजे से शाम 05:44 बजे तक।

भाई दूज (यम द्वितीय) 

  • द्वितीया तिथि 22 अक्टूबर रात 8:16 बजे से शुरू होकर 23 अक्टूबर तक रहेगी।

  • पूजा का मुहूर्त: 23 अक्टूबर दोपहर 01:13 बजे से दोपहर 03:28 बजे तक।

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