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भगवान बदरी विशाल के अभिषेक को पिरोया तिलों का तेल, पहले चरण की गाडू घड़ा यात्रा शुरू

Sesame oil was poured for the anointment of Lord Badri Vishal, the first phase of the Gadu Ghada Yatra began

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भगवान बदरी विशाल के अभिषेक को पिरोया तिलों का तेल, पहले चरण की गाडू घड़ा यात्रा शुरू

टिहरी के नरेंद्रनगर राजमहल में संपन्न हुई टेल पिरोने की प्रक्रिया, इसी तेल से होता है पूरे यात्राकाल में भगवान बदरी हविशाल का अभिषेक

इस बार 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खोले जाएंगे बदरीनाथ धाम के कपाट, 22 अप्रैल को बदरीश पुरी पहुंचेगी गाडू घड़ा यात्रा

देहरादून, 07 अप्रैल 2026: भगवान बदरी विशाल के अभिषेक को तिलों का तेल लेकर गाडू घड़ा यात्रा मंगलवार शाम बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गई। इससे पूर्व, टिहरी के नरेंद्रनगर राजमहल में तिलों का तेल पिरोया गया। महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह की अगुआई में नगर की सुहागिनों ने पीले वस्त्र धारण कर इस परंपरा का निर्वाह किया। उन्होंने गंजेली-ओखली व सिल-बट्टे से तिलों का तेल पिरोया। इसी तेल से पूरे यात्राकाल भगवान नारायण का अभिषेक होगा

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले राजमहल में तिलों का तेल पिरोने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। मंगलवार को भी पिरोये गए तेल को शुद्ध करने के लिए उसे विशेष जड़ी-बूटी के साथ तेज आंच में पकाया गया। इसके बाद तेल को चांदी के कलश (गाडू घड़ा) में भरा गया। डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत बदरीनाथ धाम के पुजारी व राज परिवार ने गाडू घड़ा की पूजा-अर्चना की। भोग के बाद राजपरिवार समेत सुहागिनों को प्रसाद वितरित किया गया और फिर राज परिवार ने गाडू घड़ा डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत के सुपुर्द किया।

शाम को रथ में सुशोभित होने के बाद गाडू घड़ा यात्रा बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई। यात्रा का पहला पड़ाव डिमरी पुजारियों के गांव में स्थित लक्ष्मी-नारायण मंदिर है, जहां यात्रा 10 अप्रैल को पहुंचेगी और फिर दस दिन वहीं विश्राम करेगी। 20 अप्रैल को यात्रा का दूसरा चरण शुरू होगा और 22 अप्रैल को वह बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। 23 अप्रैल की सुबह 6:15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।

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