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उत्तरकाशी में नचिकेता ताल का हो रहा कायाकल्प, बन रहा फुटपाथ

Nachiketa Tal in Uttarkashi is undergoing a makeover; a footpath is being constructed

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उत्तरकाशी में नचिकेता ताल का हो रहा कायाकल्प, बन रहा फुटपाथ

प्राकृतिक धरोहर नचिकेताताल में ईको टूरिज्म विकास योजना को मिली गति, झील के चारों ओर बनेगा फुटपाथ और सुरक्षा रेलिंग, पर्यटक स्थलों का होगा प्रचार-प्रसार

देहरादून, 12 अक्टूबर 2026 :  उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब 29 किमी दूर स्थित पौराणिक एवं प्राकृतिक धरोहर नचिकेता ताल के कायाकल्प और ईको टूरिज्म विकास की योजना को गति मिल रही है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में ताल क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने के साथ प्राकृतिक पर्यावरण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में ताल की परिधि के चारों ओर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए फुटपाथ और मजबूत रेलिंग का निर्माण कराया जा रहा है।

चौरंगीखाल कस्बे से करीब तीन किमी पैदल दूरी पर समुद्रतल से लगभग 2,453 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नचिकेता ताल प्राकृतिक सुंदरता और पौराणिक महत्व के लिए जाना जाता है। बांज, बुरांश, खर्सू, मोरू, रई, मुरेंड और देवदार के सघन वनों के बीच स्थित यह प्राकृतिक ताल करीब 200 मीटर लंबा, 30 मीटर चौड़ा और सात मीटर तक गहरा है। प्राकृतिक स्रोतों से सिंचित इस ताल के प्रति आसपास के ग्रामीणों की गहरी आस्था है। नचिकेता ताल के साथ आसपास स्थित काणाताल, यम गुफा और खाल-बुग्याल जैसे कम चर्चित, लेकिन रमणीक स्थलों को भी पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने की तैयारी है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन स्थलों की जानकारी पर्यटकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और पर्यटकों के ठहरने की अवधि में वृद्धि करना है।

बीते वर्ष 2,417 पर्यटक पहुंचे नचिकेता ताल

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में नचिकेता ताल क्षेत्र में 2,379 भारतीय और 38 विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया। इस दौरान एक लाख 22 हजार 850 रुपये का राजस्व राजकीय कोष में प्राप्त हुआ। पर्यटन विभाग की तीन वर्षीय स्वीकृत ईको टूरिज्म विकास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में आवंटित धनराशि से विभिन्न जनोपयोगी और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए गए।

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