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केदारताल क्षेत्र में टेंट और स्लीपिंग बैग मिला, लापता ट्रेकर्स का पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं

Tents and sleeping bags found in the Kedartal area; no trace of the missing trekkers even after five days.

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केदारताल क्षेत्र में टेंट और स्लीपिंग बैग मिला, लापता ट्रेकर्स का पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं

केदारताल क्षेत्र में हेलीकाप्टर ने भरीपांच उड़ान, एसडीआरएफ के छह व नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के चार जवानों सहित 10 सदस्यीय टीम मौके पर उतारी, केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन के बाद गाइड सहित आठ ट्रेकर्स हैं लापता

देहरादून, 02 नवंबर 2026 : उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर लापता एक स्थानीय गाइड सहित उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के आठ ट्रेकरों का पांचवें दिन भी पता नहीं चल पाया। सोमवार को ट्रेकरों की तलाश के लिए हेली की मदद से पांच उड़ानों में एसडीआरएफ के छह और निम के चार जवानों सहित 10 सदस्यीय टीम को केदारताल क्षेत्र में उतारा गया। नौ सदस्यीय दूसरी रेस्क्यू टीम ने भोजखड़क से केदारखड़क तक खोज अभियान में कच्ची ढांग में एक टैंट और बैग मिलने की सूचना दी है। प्रतिकूल मौसम के कारण रेस्क्यू फिर रोकना पड़ा है। दोनों टीम केदारखड़क और भोजखड़क बेस कैंप में रुकी हुई हैं।

बीते 27 अक्टूबर को सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी का 12 सदस्यीय दल गंगोत्री धाम से केदारताल ट्रेक पर रवाना हुआ था। दल में सात ट्रेकर और पांच सपोर्टिंग स्टाफ सदस्य शामिल थे। वापसी 29 अक्टूबर को तय थी। मौसम बदलने और बर्फबारी के बाद पहले दल के भोजखड़क के पास फंसने की सूचना आई। अगले दिन ट्रेकिंग एजेंसी ने बचाव टीम भेजी, जिसे एक कुक समेत सपोर्ट स्टाफ के चार सदस्य रास्ते में सुरक्षित मिले, लेकिन दल के आठ लोगों का पता नहीं चला। एजेंसी ने प्रशासन से हेली रेस्क्यू की मांग की, जिस पर शनिवार को हेली से रेकी की गई, लेकिन दल का कुछ पता नहीं चला।

रविवार को भी हेली ने दो बार केदारताल क्षेत्र में 10 चक्कर लगाए, लेकिन दल का कहीं पता नहीं चल पाया।उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि लापता गाइड और ट्रेकरों की खोजबीन को एक टीम ऊपर की ओर व दूसरी नीचे की ओर सर्च आपरेशन चलाएगी। मौसम रेस्क्यू में बाधा बन रहा है, लेकिन अभियान लगातार जारी रखने का प्रयास है।

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