आंगन से बच्ची को उठा ले गया गुलदार, दूसरी को मां ने बचाया
Leopard snatches child from courtyard; mother saves the other one

आंगन से बच्ची को उठा ले गया गुलदार, दूसरी को मां ने बचाया
पौड़ी के बजली गांव में ली गुलदार ने तीन वर्षीय बच्ची की जान, झाड़ियों में पड़ा मिला उसका शव, कोटद्वार के सनेह क्षेत्र में आठ साल की बच्ची को किया घायल, घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल, इस साल जंगल जानवरों के हमले में यह 57वीं मौत
देहरादून, 03 नवंबर 2026: उत्तराखंड में वन्यजीवों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। हाथी और भालू के हमले में दो दिन में दो लोगों की मौत के बाद अब गुलदार ने तीन वर्षीय बच्ची की जान ले ली, जबकि आठ वर्ष की बच्ची पर हमला कर उसे घायल कर दिया। पहली घटना मंगलवार देर शाम पौड़ी के पास बजली गांव में तब हुई, जब बच्ची आंगन में खेल रही थी। ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार शव को झाड़ियों में छोड़कर भाग गया। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने रास्ते में शव रखकर प्रदर्शन किया। पौड़ी जिले में खिर्सू के तरुली गांव में एक महीने पहले ही महिला को गुलदार ने निवाला बनाया था। दूसरी घटना पौड़ी जिले के ही कोटद्वार के सनेह क्षेत्र की है। यहां गुलदार ने आठ वर्षीय बच्ची पर हमला कर घायल कर दिया। हालांकि, मां ने साहस दिखाकर गुलदार के जबड़े से बच्ची को छुड़ा लिया। इस साल प्रदेश में जंगली जानवरों के हमलों में यह 57वीं मौत है।
पौड़ी के मल्ली गांव निवासी कृष्ण कुमार की पांच वर्षीय बेटी आरुषि अपनी मां बबीता देवी के साथ कुछ माह पहले ननिहाल बजली गांव आई थी। मंगलवार शाम आंगन में परिजनों की मौजूदगी में गुलदार उस पर झपट पड़ा और जान ले ली। घटना के बाद लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने वन मंत्री सुबोध उनियाल और स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी के विरुद्ध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। विधायक का घेराव भी किया। डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर है। गुलदार को आदमखोर घोषित किए जाने के लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र भेज दिया गया है।
दूसरी घटना कोटद्वार के सनेह क्षेत्र की है। शाम करीब साढ़े छह बजे संतोष रावत की आठ वर्षीय पुत्री सान्वी मां नीलम के साथ घर के आंगन की लाइट जलाने आई। इसी बीच आंगन के कोने में दुबके गुलदार ने सान्वी पर हमला कर दिया। गुलदार सान्वी को जबड़े में दबोचकर खेत की ओर भागा। यह देख नीलम भी शोर मचाते हुए गुलदार के पीछे भागी। करीब सौ मीटर दूर जाकर गुलदार रुक गया और नीलम ने बगैर कुछ सोचे सान्वी को अपनी तरफ खींच लिया। इस बीच आसपास के ग्रामीणों सहित घर के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए और घायल बच्ची को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची की गर्दन पर गुलदार के पंजों के गहरे जख्म आए हैं। वहीं, क्षेत्रीय लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि गुलदार अब तक चार लोगों को घायल कर चुका है, लेकिन विभाग सुध लेने को तैयार नहीं।



