हर्षिल घाटी के दस चक्कर लगाने पर भी नजर नहीं आए लापता ट्रेकर्स
Missing trekkers not found even after ten rounds of searching the Harshil Valley

हर्षिल घाटी के दस चक्कर लगाने पर भी नजर नहीं आए लापता ट्रेकर्स
केदारताल गए ट्रेकर्स को तलाशने के लिए रविवार को देहरादून से हर्षिल पहुंचा हेलीकाप्टर, इस ट्रेक पर फंसे हैं स्थानीय गाइड समेत उत्तर प्रदेश व बंगाल के आठ ट्रेकर्स, सोमवार को हेलीकाप्टर से एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीम उतारने की तैयारी
देहरादून, 01 नवबंर 2026: उत्तरकाशी जिले में स्थित केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन के कारण फंसे स्थानीय गाइड सहित उत्तर प्रदेश और बंगाल के आठ ट्रेकर्स का रविवार को भी पता नहीं चल पाया। उनकी तलाश को देहरादून से हर्षिल पहुंचे हेलीकाप्टर ने घाटी में करीब दस चक्कर लगाए, लेकिन न ट्रेकर्स नजर आए, न उनका सामान ही मिला। हालांकि, मौसम प्रतिकूल होने के कारण बाद में अभियान रोकना पड़ा। अब सोमवार को एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीम को हेलीकाप्टर से प्रभावित क्षेत्र में उतारने की तैयारी है।
बीते 27 अक्टूबर को सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी के 13 सदस्यीय दल में शामिल सात ट्रेकर्स और सपोर्टिंग स्टाफ के छह सदस्य गंगोत्री धाम से केदारताल के लिए रवाना हुए थे। 29 अक्टूबर को दल की वापसी होनी थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम और हिमस्खलन के चलते रास्ता बाधित हो गया। एक कुक के नेटवर्क क्षेत्र में पहुंचने पर कच्ची ढांग के पास सुरक्षित होने की जानकारी दी थी। इसके बाद एजेंसी ने पोर्टर और गाइड की टीम भेजी, जिसने करीब छह किमी तक रास्ता खोलने का प्रयास किया और बाद में वापस लौट आई।
शनिवार को गंगोत्री नेशनल पार्क की टीम को कच्ची ढांग के पास एक कुक और तीन पोर्टर सुरक्षित मिले। हालांकि, भोजखर्क के पास हिमस्खलन के बाद से आठ ट्रेकर्स का पता नहीं चल पाया है। पहले उनके सुरक्षित स्थान पर होने की सूचना मिली थी, लेकिन रविवार को हवाई रेकी में भी उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि रविवार को सुरक्षित मिले दल के एक सदस्य को साथ लेकर हेली से हर्षिल घाटी की रेकी की गई, लेकिन ट्रेकर्स का कुछ पता नहीं चल पाया। ट्रेक पर चारों तरफ बर्फ दिखाई दी। बताया कि सोमवार को देहरादून से एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीम पहुंचेगी, जिसे हेली से क्षेत्र में उतारा जाए। यह टीम ट्रेकर्स की खोजबीन करेगी।




