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नीदरलैंड में सजेगी उत्तराखंडी खानपान एवं संस्कृति की महफिल

A showcase of Uttarakhandi cuisine and culture to be held in the Netherlands

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नीदरलैंड में सजेगी उत्तराखंडी खानपान एवं संस्कृति की महफिल

इंडियन क्यूलेनरी सोसायटी की ओर से आयोजित किया जा रहा इंडियन दीपावली शेफ्स मिलन समारोह-2026, जख्या आलू, पहाड़ी लाल चावल, भंगजीरे की चटनी और मंडुवे के व्यंजन रहेंगे आकर्षण का केंद्र

देहरादून, 30 अक्टूबर 2026: उत्तराखंड के पारंपरिक खानपान और पहाड़ी संस्कृति की महक अब यूरोपीय देश नीदरलैंड में भी बिखरेगी। इंडियन क्यूलेनरी सोसायटी की ओर से इस वर्ष भी इंडियन दीपावली शेफ्स मिलन समारोह-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भारतीय हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री से जुड़े उत्तराखंड के शेफ विशेष रूप से शामिल होंगे। आयोजन में पहाड़ी व्यंजनों के साथ उत्तराखंडी संस्कृति और संगीत की झलक भी देखने को मिलेगी।

भारतीय हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में वर्षों से सेवाएं दे रहे शेफ टीकाराम सिंह ने बताया कि समारोह में उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें जख्या आलू, पहाड़ी लाल चावल, भंगजीरे की चटनी, मंडुवे के चिप्स और प्याज व मंडुवे के पकौड़े आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इन व्यंजनों के माध्यम से विदेश में उत्तराखंड के पारंपरिक स्वाद और खानपान की विविधता को पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

200 से 300 शेफ व अतिथियों को आमंत्रण

आयोजकों के अनुसार, समारोह के लिए लगभग 300 भारतीय शेफ और अन्य अतिथियों को निमंत्रण दिया गया है। ये सभी लोग एक मंच और एक बैनर के नीचे एकत्रित होकर भारतीय खानपान, उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति और संगीत का आनंद लेंगे।

कई शेफ निभा रहे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

समारोह को सफल बनाने में शेफ पृथ्वी राणा, टीकाराम सिंह, आलम सिंह नेगी, त्रिलोक सिंह नेगी, हिमालय सिंह रावत, धर्म सिंह नेगी व महिपाल सिंह राणा सहित कई अन्य शेफ और सहयोगी अहम भूमिका निभा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य सिर्फ शेफों का मिलन कराना नहीं, बल्कि विदेश की धरती पर भारतीय खानपान की विविधता और उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों को पहचान दिलाना भी है। इस आयोजन के माध्यम से पहाड़ के स्वाद, संस्कृति और परंपराओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।

गढ़भोज अभियान के लिए कार्यक्रम मील का पत्थर

गढ़भोज अभियान के प्रचारक द्वारिका प्रसाद सेमवाल के अनुसार यह खुशी की बात है, कल तक जो आयोजन घर-गांव तक सीमित था, वह अब वैश्विक स्तर पर होने जा रहा है। होटेलियर इस विचार से सहमत हुए यह गौरव की बात है। गढ़भोज अभियान के लिए भी यह कार्यक्रम मील के पत्थर से कम नहीं है। नीदरलैंड में होने जा रहे इस कार्यक्रम के लिए आयोजकों को अनंत शुभकामनाएं।

Global Ganga News

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