अंतरराष्ट्रीयउत्तराखंडऑफबीटदुर्घटनाराष्ट्रीय

बदरीनाथ से देहरादून लौट रहा हेलीकाप्टर पांडुकेश्वर की पहाड़ी पर दुर्घटनाग्रस्त, पायलट समेत छह की गई जान

A helicopter returning from Badrinath to Dehradun crashed on a hillside in Pandukeshwar; six people, including the pilot, lost their lives.

खबर को सुनें


बदरीनाथ से देहरादून लौट रहा हेलीकाप्टर पांडुकेश्वर की पहाड़ी पर दुर्घटनाग्रस्त, पायलट समेत छह की गई जान

चमोली जिले में पांडुकेश्वर की पहाड़ी से टकराया हेलीकाप्टर, प्रतिकूल मौसम में भरी थी उड़ान, बदरीनाथ धाम से दर्शन कर दून के सहस्रधारा हेलीपैड लौट रहे थे कर्नाटक के पांच यात्री, इस यात्रा सीजन की यह पहली हेली दुर्घटना, 16 वर्ष में 56 लोग गंवा चुके हैं हादसों में जान, ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड की सभी सेवाओं पर लगी रोक

देहरादून, 30 अक्टूबर 2026: बदरीनाथ से कर्नाटक के यात्रियों को लेकर दून आ रहा चार्टर्ड हेलीकाप्टर शुक्रवार दोपहर चमोली जिले में बदरीनाथ व ज्योतिर्मठ के बीच पांडुकेश्वर की पहाड़ी से टकराकर दुघर्टनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट सहित छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के इस हेलीकाप्टर  में सवार कर्नाटक के पांच यात्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड लौट रहे थे। मृतकों में कर्नाटक पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर अरुण सालुंके भी शामिल हैं। हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। माना जा रहा कि प्रतिकूल मौसम में उड़ान भरना हादसे की मुख्य वजह रहा। 

हादसे के बाद ट्रांस भारत कंपनी की सभी सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। मृतकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की टीम जांच के लिए शनिवार को दुर्घटनास्थल पर पहुंचेगी। इस बार चारधाम यात्रा सीजन में यह पहला हेली हादसा है। चारधाम यात्रा मार्ग पर 2008 से अब तक 22 हेली हादसे हुए हैं। इनमें से 11 हादसों में 56 लोग जान गंवा चुके हैं। 

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि ट्रांस भारत के हेलीकाप्टर ने दोपहर 1:12 बजे बदरीनाथ से देहरादून के लिए उड़ान भरी थी। दो मिनट बाद ही ज्योतिर्मठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलीकाप्टर का संपर्क टूट गया। यूकाडा के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि हेलीकाप्टर के ज्योतिर्मठ में मारवाड़ी पुल के ऊपर जेपी पावर हाउस की ओर लापता होने की सूचना आर्मी पोस्ट के माध्यम से प्राप्त हुई। सेना के जवानों ने हेलीकाप्टर को पांडुकेश्वर की पहाड़ी में गिरते देखा। वहां धुयें का गुब्बार भी उठा। बताया कि हेलीकाप्टर पहाड़ी से ऊंचाई पर दो जगह टकराता दिखा। इसके बाद राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, सेना और आइटीबीपी की टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। हेलीकाप्टर जमीन पर गिरने के बाद दुकड़ों में बिखर गया और इसमें आग लग गई। सबसे पहले सेना ने रेस्क्यू शुरू किया। 

चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि सभी शव मिल चुके हैं, जो जले होने के कारण क्षत-विक्षत हैं। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि रात में रेस्क्यू रोक दिया गया। यात्री गुरुवार को बदरीनाथ दर्शन के लिए आए थे। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकाप्टर नौ साल पुराना बताया जा रहा है।


दिल्ली के शालीमार बाग निवासी थे पायलट


पायलट शालीमार बाग, पश्चिमी दिल्ली निवासी 48 वर्षीय कैप्टन हिमांशु सभरवाल वायुसेना से सेवानिवृत्त थे। उन्हें पर्वतीय क्षेत्र में चलने का अनुभव था। मृतकों में 44 वर्षीय अरुण सालुंके कर्नाटक पुलिस के क्राइम ब्रांच में इंस्पेक्टर थे। अन्य मृतकों में 41 वर्षीय प्रतापा (कर्नाटक),
 39 वर्षीय वीबी. शंकर गौड़ा (कर्नाटक), 50 वर्षीय सुधीर के (कर्नाटक) व 51 वर्षीय एचएस नटराजा (कर्नाटक) शामिल हैं।

चारधाम से लगे क्षेत्र व धामों में अब तक हुए हेली हादसे

 

  • वर्ष 2008: उत्तरकाशी के मातली में तेज हवा से असंतुलित होने के कारण हेलीपैड पर खड़ा हेलीकाप्टर पलटा।

  • 12 जून 2010: केदारनाथ बेस कैंप में प्रभातम हेली कंपनी के पंखे से कटकर एक व्यक्ति की मौत।

  • वर्ष 2012: उत्तरकाशी के हर्षिल में लैंडिंग करते समय हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त, बाल-बाल बची पायलट सहित अन्य की जान।

  • 21 जून 2013: जंगलचट्टी के समीप हेलीकाप्टर क्रैश होने से पायलट की मौत।

  • 25 जून 2013: वायु सेना का हेलीकाप्टर एमआइ-17 दुर्घटनाग्रस्त, 20 जवानों की मौत। इसमें वायु सेना के दो पायलट व तीन क्रू-मेंबर, एनडीआरएफ के नौ व आइटीबीपी के छह जवान शामिल थे।

  • 28 जून 2013: केदारनाथ से दो किमी दूर गरुड़चट्टी के पास रेस्क्यू में लगा हेलीकाप्टर क्रैश, दुर्घटना में पायलट व को-पायलट समेत तीन की मौत।

  • 25 मई 2016: केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए टेकआफ करते समय हेलीकाप्टर का दरवाजा खुल गया था। राहत की बात ये रही कि सभी यात्री सुरक्षित रहे।

  • 10 जून 2017: बदरीनाथ धाम में टेकआफ करते समय हेलीकाप्टर क्रैश, एक चीफ इंजीनियर की मौत।

  • तीन अप्रैल 2018: बदरीनाथ धाम में सेना का हेलीकाप्टर बिजली के तार में उलझकर दो हिस्सों में टूटा। हेलीकाप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित बचे।

  • तीन अप्रैल 2018: निर्माण सामग्री ले जा रहा एमआइ-17 हेलीकाप्टर दो हिस्सों में टूटा और उसमें आग लग गई। हालांकि, कोई जनहानि नहीं हुई।

  • 21 अगस्त 2019: उत्तरकाशी की आराकोट आपदा में रेस्क्यू के दौरान राहत सामग्री छोड़कर लौट रहा हेलीकाप्टर मोल्डी गांव के पास ट्राली के तारों से उलझा, आग लगी, पायलट समेत तीन की मौत, सेवानिवृत लेफ्टिनेंट कर्नल रंजीव लाल थे पायलट।

  • 23 अगस्त 2019: उत्तरकाशी के आराकोट क्षेत्र में रेस्क्यू में लगे एक हेलीकाप्टर की बरसाती नदी में इमरजेंसी लैंडिंग। पायलट को आई चोट, हेली भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त। हेली की इमरजेंसी लैंडिंग का कारण हेली का ट्राली के तार से टकराने से संतुलन।

  • 18 अक्टूबर 2022: केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी आ रहा हेलीकाप्टर मौसम खराब होने के कारण क्रैश हो गया। इस घटना में पायलट सहित सात लोगों की मौत हो गई।

  • 23 अप्रैल 2023: केदारनाथ धाम में हेलीकाप्टर की पंखुड़ी से यूकाडा अधिकारी की सिर कटने से मौत।

  • 24 मई 2024: केदारनाथ धाम में हेलीकाप्टर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त, सभी छह यात्री सुरक्षित।

  • आठ मई 2025: गंगनानी में हेलीकाप्टर क्रैश, पायलट समेत छह की मौत।

  • 12 मई 2025: बदरीनाथ हेलीपैड में टेकआफ करते ही संतुलन बिगड़ने से कुछ मीटर दूर पार्किंग में खड़े वाहन से टकराया हेलीकाप्टर का पिछला हिस्सा।

  • 17 मई 2025: केदारनाथ धाम में हेली एंबुलेंस की इमरजेंसी लैंडिंग, कोई जनहानि नहीं, हेली क्षतिग्रस्त।

  • सात जून 2025: केदारघाटी के बड़ासू हेलीपैड से उड़ान भरते समय हेली क्रैश, कोई जनहानि नहीं।

  • 15 जून 2025: केदारनाथ से तीर्थ यात्रियों को लेकर गुप्तकाशी लौट रहा हेली गौरी माई खर्क के पास क्रैश, पायलट समेत सात की मौत।

  • 20 मई 2026 : बदरीनाथ से देहरादून लौट रहा चार्टर्ड हेलीकाप्टर टिहरी जिले के सकलाना क्षेत्र के नौगांव में सुरकंडा देवी मंदिर के पास अचानक हाईटेंशन लाइन के तारों की चपेट में आने से अनियंत्रित होकर जमीन पर गिरा।

  • 30 अक्टूबर 2026 : बदरीनाथ से तीर्थ यात्रियों को लेकर देहरादून लौट रहा हेली चाई गांव, ज्योतिर्मठ

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button