हाथियों ने लड़ते-भिड़ते बिताई रात, सुबह बरामद हुआ एक का शव
वनाधिकारियों को हाथियों के लड़ने के निशान और कई जगह मिला खून, रामनगर वन प्रभाग की कोटा रेंज के दक्षिणी पाटकोट बीट की है यह घटना, दूसरे हाथी के भी घायल होने की आशंका
देहरादून, 30 अक्टूबर: रामनगर वन प्रभाग की कोटा रेंज के जंगल में आपसी संघर्ष के चलते एक हाथी ने जान गंवा दी। सुबह सफारी रूट के समीप इस हाथी का शव बरामद हुआ। वन विभाग ने पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को दफना दिया और बिसरा फोरेसिंक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
कोटा रेंज के दक्षिणी पाटकोट बीट में शुक्रवार सुबह वनकर्मियों को सफारी रूट के समीप एक हाथी के मरे होने की जानकारी मिली। प्रभागीय वनाधिकारी ध्रुव सिंह मर्तोलिया व उप प्रभागीय वनाधिकारी अंकित बडोला ने मौके पर पहुंचकर देखा कि हाथी के पेट के हिस्से में चोट के कई निशान थे। यहां तक कि दूसरे हाथी का दांत घुसने से जख्म भी बन गया था। डीएफओ ने बताया कि 40 से 50 वर्ष के इस हाथी की मौत आपसी संघर्ष में हुई है। आसपास संघर्ष के काफी निशान भी मिले हैं। लगभग दो किमी दूर से हाथी लड़ते हुए आए हैं। हमले में दूसरे हाथी के भी घायल होने की आशंका है, सो उसकी भी तलाश की जा रही है।
रात दुकान में की हाथी ने तोड़फोड़
गिरिजा क्षेत्र रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज के अंतर्गत आने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण वन्यजीव गलियारा (वाइल्डलाइफ कॉरिडोर) और धार्मिक-सांस्कृतिक स्थल है। यहां हाथियों की नियमित आवाजाही रहती है। गुरुवार देर रात एक हाथी जंगल से मंदिर के टीले के नजदीक आ गया। इस दौरान एक प्रसाद विक्रेता ने हाथी के मंदिर के आसपास दुकान में तोड़फोड़ करने का वीडियो बनाया। हाथी ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाया। प्रसाद विक्रेताओं ने वन विभाग से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
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-संपादक