50 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, अब दूसरे चरण में बढ़ेगी चारधाम की रौनक
15 सितंबर से यात्रा के दूसरे चरण में बढ़ने की उम्मीद, नया रिकॉर्ड बनने के आसार, सुगम दर्शन, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर, धामों की निगरानी में एआई आधारित तकनीक अपनाने की तैयारी

देहरादून, 13 सितंबर 2026 : चारधाम यात्रा अब अपने दूसरे चरण में प्रवेश करने जा रही है। यात्रा के पहले चरण में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 50 लाख पहुंच गई है। मानसून के दौरान भी यात्रा जारी रही। अब 15 सितंबर से दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष चारधाम यात्रा के नया रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद भी मजबूत हुई है।
दूसरे चरण में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाने पर राज्य सरकार और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का विशेष जोर रहेगा। बीकेटीसी के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में यात्रा व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो और आसानी से दर्शन मिल सकें, इसे प्राथमिकता दी जाएगी।
वीआईपी संस्कृति खत्म करने की दिशा में कदम
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में बढ़ती भीड़ को देखते हुए बीकेटीसी ने वीआईपी संस्कृति समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए हैं। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं की थी। 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री आम श्रद्धालुओं की तरह कतार में लगकर बाबा केदार के दर्शन करने पहुंचे थे।
भीड़ के दबाव के अनुसार बदलेगा पूजा का समय
धामों में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के बीच दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सुबह और शाम होने वाली पूजा के समय में भी बदलाव किया गया है। पूजा की अवधि कम करने का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को समय पर दर्शन का अवसर देना और लंबी कतारों को नियंत्रित करना है। दूसरे चरण में भीड़ बढ़ने की स्थिति में व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
एआई तकनीक से मजबूत होगी धामों की निगरानी
बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के अलावा बीकेटीसी के अधीन कुल 45 मंदिर हैं। मंदिर समिति ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए रोडमैप तैयार किया है। धामों की सुरक्षा में एआई आधारित आधुनिक तकनीक को शामिल करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और संभावित सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।
तीर्थपुरोहितों के लिए पहली बार कल्याण कोष
चारधाम यात्रा से जुड़े तीर्थपुरोहितों और हक-हकूकधारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पहली बार कल्याण कोष बनाया गया है। इसके माध्यम से आपात स्थिति में तीर्थपुरोहितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। मंदिर समिति के कर्मचारियों के लिए भी अलग कल्याण कोष बनाने पर विचार किया जा रहा है। दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ोतरी के बीच सरकार और मंदिर समिति के सामने भीड़ प्रबंधन, सुगम दर्शन, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने की चुनौती रहेगी। यात्रा के अब तक के आंकड़ों को देखते हुए इस वर्ष नया रिकॉर्ड बनने की संभावना भी बढ़ गई है।



