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गंगनहर बंद किए जाने के बाद हरकी पैड़ी पर आचमन के लिए भी नहीं बचा जल

Following the closure of the Ganga Canal, not even enough water remains at Har Ki Pauri for *achaman* (ritual sipping of water).

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गंगनहर बंद किए जाने के बाद हरकी पैड़ी पर आचमन के लिए भी नहीं बचा जल

मायूस होकर वापस लौट रहे स्नान और दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु, मरम्मत व सफाई के लिए 20 अक्टूबर की मध्यरात्रि से सात नवंबर तक के लिए बंद की गई है गंगनहर

देहरादून, 21 अक्टूबर 2026: विजयादशमी की रात से गंगनहर बंद किए जाने के कारण हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर आचमन के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में स्नान-दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। हालांकि, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों कहना है कि शाम को गंगा आरती के समय नहर में आंशिक रूप से जलधारा छोड़ी जाएगी।

मरम्मत व सफाई के लिए गंगनहर का प्रवाह हर साल विजयादशमी से लेकर दीपावली के मध्य तक रोक दिया जाता है। इस दौरान घाटों की मरम्मत, सीवेज व्यवस्था औरअन्य कार्य किए जाते हैं। इस बार भी उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने कई कार्य प्रस्तावित किए हैं। इसके अलावा अर्धकुंभ के कार्य भी होने हैं। इस बार गंगनहर 20 अक्टूबर की रात से सात नवंबर तक के लिए बंद की गई है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि गंगनहर की वार्षिक बंदी के चलते फिलहाल प्रवाह रोका गया है। हालांकि, शाम को आरती के समय हरकी पैड़ी पर जल छोड़ा जाएगा।

किस्मत चमकाने गंगा में उमड़ी भीड़

हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर गंगा की धारा सूखने से जहां श्रद्धालुओं को आस्था पूर्ण स्नान का अवसर नहीं मिल पा रहा है, वहीं श्रमिक परिवारों के लिए यह किस्मत चमकाने का अवसर बन गया है। कई लोग छलनी व जाल लेकर गंगा की रेत में सिक्के और जेवर तलाशने में जुटे हैं। सूर्योदय से लेकर सूर्य अस्त होने तक वह इसी तरह रेत छानते रहते हैं। गंगा में अर्पित चढ़ावे को ये परिवार मेहनत कर ढूंढते हैं और यही उनकी रोजी-रोटी का सहारा बनता है।

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