
देहरादून, 26 सितंबर 2025ः फर्जी बिलों और बोगस फर्मों के सहारे इनपुट टैक्स क्रेडिट का जाल बुनकर सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाने वालों पर राज्य कर विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश और आयुक्त राज्य कर सोनिका की सीधी निगरानी में काशीपुर व रुद्रपुर में की गई छापेमारी में दो फर्म और एक ठेकेदार के यहां से कर चोरी का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ। विभाग ने मौके पर ही 2.21 करोड़ रुपये राजस्व वसूलकर सख्त संदेश दे दिया है कि टैक्स चोरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महुवाखेड़ा स्थित लिथियम बैट्री परिशोधन फर्म ने दिल्ली की फर्जी कंपनियों से खरीदारी दिखाकर करोड़ों का इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम कर रखा था। टीम की कार्रवाई के दौरान कर चोरी की परतें खुलीं तो फर्म संचालक ने तत्काल 50 लाख रुपये राजकोष में जमा कराए।इसी तरह भूरारानी रोड स्थित ऑटो पार्ट्स निर्माता फर्म ने अपनी वास्तविक करदेयता को गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम से समायोजित किया हुआ था। यहां विभाग ने 13.5 लाख रुपये की वसूली की।
काशीपुर के चैती गांव के ठेकेदार ने सरकारी विभागों से 8.75 करोड़ रुपये का भुगतान तो ले लिया, लेकिन जीएसटी जमा करने से बचता रहा। विभागीय टीम ने छापा मारा तो उसने 1.57 करोड़ रुपये कर स्वीकारते हुए राजकोष में जमा कराया और बाकी महीनों का टैक्स चुकाने का लिखित आश्वासन दिया।
आयुक्त राज्य कर सोनिका ने स्पष्ट किया कि टैक्स चोरी करने वाले अब विभाग के रडार पर हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चल रहा यह अभियान लगातार जारी रहेगा और टैक्स माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।



