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23 मई को खुलेंगे देश के सबसे ऊंचे गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब के कपाट

The doors of the country's highest Gurdwara Hemkund Sahib will open on May 23

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23 मई को खुलेंगे देश के सबसे ऊंचे गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब के कपाट

समुद्रतल से 15,225 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब, पूर्व में 22 मई, 25 मई व एक जून को खोले जाते रहे हैं धाम के कपाट

देहरादून, 16 मार्च 2026: उत्तराखंड के चमोली जिले की भ्यूंडार घाटी में समुद्रतल से 15,225 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट इस बार 23 मई को खोले जाएंगे। हेमकुंड साहिब के कपाट पहली बार 23 मई को खोले जा रहे हैं। इससे पूर्व 22 मई, 25 मई व एक जून को धाम के कपाट खोले जाते रहे हैं।

श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने सोमवार को अस्थायी राजधानी देहरादून में मुख्य सचिव आनंद बर्धन से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित विषयों पर भी मुख्य सचिव से चर्चा की। विदित हो कि इस बार शीतकाल में अपेक्षित बर्फबारी न होने के कारण यात्रा तैयारियां शुरू करने में पैदल मार्ग पर किसी तरह का अवरोध नहीं है। इसलिए सेना और गुरुद्वारा के सेवकों को यात्रा सुविधाएं जुटाने में आसानी रहेगी।

ट्रस्ट के अध्यक्ष बिंद्रा ने बताया कि ट्रस्ट राज्य सरकार के समन्वय से इस यात्रा का संचालन करता है और तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रतूड़ा, जोशीमठ, गोविंदघाट और घांघरिया में अपनी धर्मशालाओं में मुफ्त ठहरने और भोजन की व्यवस्था करता है। हेमकुंड साहिब में भी लंगर परोसा जाता है। हालांकि, अधिक ऊंचाई और सीमित सुविधाओं के कारण तीर्थ यात्रियों को हेमकुंड में रात रुकने की अनुमति नहीं है।

गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब विश्वभर के श्रद्धालुओं, खासकर सिख धर्म में अत्यंत गहन आध्यात्मिक महत्व रखता है।  यह वह पवित्र स्थल है, जहां दसवें सिख गुरु गोबिंद सिंह महाराज ने पूर्व जन्म में ध्यान किया था। इसका वर्णन उन्होंने अपने दशम ग्रंथ के बचित्र नाटक अध्याय में किया है। यह स्थल शांति, चिंतन एवं ईश्वरीय अनुभूति की तलाश में आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिव्य एवं शांत वातावरण प्रदान करता है। प्रत्येक वर्ष विश्वभर से हजारों श्रद्धालु इस यात्रा के लिए उत्सुक रहते हैं, जो विश्वस्तर पर श्रद्धा, एकता एवं आध्यात्मिक नवीनीकरण का प्रतीक बन चुकी है।

23 को ही खुलेंगे लोकपाल के कपाट

परंपरा के अनुसार गुरुद्वारा परिसर में स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी 23 मई को ही खोले जाएंगे।

Global Ganga News

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