विश्व के सबसे ऊंचे गुरुद्वारा में पहली बार पहुंचे तीन लाख से अधिक श्रद्धालु
Over 300,000 devotees visited the world's highest Gurudwara for the first time.

विश्व के सबसे ऊंचे गुरुद्वारा में पहली बार पहुंचे तीन लाख से अधिक श्रद्धालु
आठ सितंबर तक 3.09 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके थे हेमकुंड साहिब, आगामी 10 अक्टूबर को बंद किए जाने हैं हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट, इस साल श्रद्धालुओं का आंकड़ा चार लाख पार होने की उम्मीद
देहरादून, 08 सितंबर 2026 : उत्तराखंड के चमोली जिले में समुद्रतल से 15225 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में इस बार श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। हेमकुंड साहिब यात्रा के इतिहास में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या ने तीन लाख का आंकड़ा पार कर लिया है। अब तक धाम में तीन लाख नौ हजार 639 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जबकि हेमकुंड यात्रा अभी 10 अक्टूबर तक चलनी है।
भ्यूंडार घाटी में स्थित हेमकुंड साहिब को विश्व का सबसे ऊंचा गुरुद्वारा होने का गौरव हासिल है। साथ ही यह उत्तराखंड हिमालय में स्थित सबसे ऊंचा धाम भी है। हेमकुंड साहिब परिसर में ही लोकपाल लक्ष्मण मंदिर भी है। यह भी विश्व में सबसे ऊंचाई पर स्थित एकमात्र लक्ष्मण मंदिर है। इन दोनों धाम के कपाट मई अंतिम सप्ताह में खोले जाते हैं और 10 अक्टूबर को बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद यहां बर्फ की कई फीट ऊंची चादर बिछ जाती है, इसलिए भ्यूंडार गांव के लोग भी निचले स्थानों पर माइग्रेट हो जाते हैं।
सबसे अहम बात यह कि इस बार कपाट खुलने वाले दिन से ही हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। यहां तक कि बरसात के दौरान भी औसतन एक हजार से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन धाम में मत्था टेकने पहुंचते रहे। अब जबकि, बरसात विदाई की ओर है तो श्रद्धालुओं की संख्या भी प्रतिदिन तीन हजार से ऊपर पहुंच गई है। यही सिलसिला जारी रहा तो कपाट बंद होने तक हेमकुंड पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या चार लाख का आंकड़ा पार कर जाएगी।
वर्षवार हेमकुंड साहिब पहुंचे श्रद्धालु
वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या
2026 3,09,997
2025 2,74,441
2024 1,83,722
2023 1,77,463
2022 1,90,264




