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कोटद्वार के जंगल से सटे इलाकों में हाथियों ने दुश्वार किया जीवन

Elephants have made life difficult in areas bordering the forests of Kotdwar.

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कोटद्वार के जंगल से सटे इलाकों में हाथियों ने दुश्वार किया जीवन

जंगल से सटे आबादी वाले क्षेत्रों में थम नहीं रही हाथियों की धमक,  पुराने कोटद्वार यानी ग्रास्टनगंज क्षेत्र में लोगों के घर के आंगन तक पहुंच रहे हाथी

देहरादून, 01 सितंबर 2026: कोटद्वार के जंगल से सटे आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों की धमक थमने का नाम नहीं ले रही। आए दिन हाथियों का झुंड़ आबादी में पहुंचकर उत्पात मचा रहा है, जिससे लोगों की रातों की नींद उड़ी हुई है। सोमवार देर रात भी पुराने कोटद्वार यानी ग्रास्टनगंज में हाथियों का झुंड लोगों के घरों तक पहुंच गया। हाथियों की इस चहल-कदमी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

कोटद्वार का अधिकांश भाग जंगल से सटा हुआ है। यही कारण है कि जंगल से सटे आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों की धमक बनी रहती है। रात करीब 11 बजे ग्रास्टनगंज क्षेत्र में हाथियों का झुंड आ धमका। इस झुंड़ में हाथियों का बच्चा भी था। गली-मोहल्लों में घूमता हुआ यह  झुंड लोगों के घरों तक पहुंच गया। घरों में लगे सीसीटीवी कैमरे में हाथियों की चहलकदमी कैद हो गई। हाथियों के डर से पूरी रात परिवार घरों में दुबके रहे।

जंगल से सटे मार्गों पर चुनौती बढ़ा रहे हाथी

जंगल से सटे मार्गों पर हाथियों की सबसे अधिक धमक देखने को मिल रही है। आए दिन हाथी मार्गों पर पहुंचकर राह में बाधा बन रहे हैं। कुछ दिन पूर्व हाथियों ने रामणी-पुलिंडा मार्ग पर घूम रहे लोगों को भी खूब दौड़ाया था। शिवपुर, ध्रुवपुर, सनेह मार्ग पर हाथी सुरक्षा दीवार को लांघकर मार्ग पर पहुंच रहे हैं। साथ ही खेतों में खड़ी फसल को भी चौपट कर रहे हैं।

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