
वेदनी बुग्याल से एकत्र किया 500 किलो कचरा, सुरक्षित पर्यावरण का दिया संदेश
नंदा देवी की बड़ी जात और नंदा लोकजात के दौरान वेदनी बुग्याल पहुंचे थे 20 हजार से अधिक यात्री, होमकुंड भी पांच हजार से अधिक यात्रियों के पड़े कदम, यात्रा के दौरान भारी मात्रा में प्लास्टिक और कांच की खाली बोतलें उच्च हिमालयी क्षेत्र में छोड़ गए ये यात्री, उच्च हिमालयी क्षेत्र में पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है यह कचरा

देहरादून, 24 सितंबर 2026: मां नंदा देवी बड़ी जात और नंदा देवी लोकजात के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी मात्रा में प्लास्टिक और कांच का कचरा जमा हो गया था, जिसे एकत्र कर अब जय लाटू देवता ईको विकास समिति नीचे ला रही है। समिति अब तक 500 किलो कचरा एकत्र कर वाण ला चुकी है। अभियान अभी जारी रहेगा।
पांच से 20 सितंबर तक नंदा देवी की बड़ी जात और नंदा लोकजात में वेदनी तक 20 हजार और होमकुंड तक पांच हजार यात्री पहुंचे थे। हैरत देखिए कि ये यात्री भारी मात्रा में प्लास्टिक और कांच की बोतलें वहीं छोड़ आए, जिससे उच्च हिमालयी क्षेत्र में पर्यावरण के लिए खतरा पैदा हो गया है। इसी को देखते हुए जय लाटू देवता ईको विकास समिति कचरा एकत्र करने में जुटी है और उसे कट्टों में भरकर वाण गांव लाया जा रहा है। यहां इस कचरे का निस्तारण किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष पूर्व डिप्टी रेंजर त्रिलोक सिंह बिष्ट ने बताया कि समिति अपने संसाधनों से वेदनी समेत अन्य बुग्यालों में कचरा उठाने का कार्य कर रही है। बुग्यालों में सुलभ इंटरनेशनल कंपनी की ओर से लाखों की लागत से शौचालय बनाए गए थे, उनकी भी सफाई नहीं की गई। बिष्ट ने बताया कि ईको विकास समिति ने डीएम और एसपी चमोली को ज्ञापन दिया था कि सुलभ इंटरनेशनल कंपनी ईको टूरिज्म की देखरेख में कार्य करे, लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। समिति स्वयं सहायता से बुग्यालों से प्लास्टिक कचरा हटाने का कार्य कर रही है। इस अभियान में बाग सिंह, कलम सिंह, बसंती देवी, विक्की सिंह, नैन सिंह और त्रिलोक सिंह शामिल हैं।



