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निज धाम में विराजमान हुईं हिमालय की अधिष्ठात्री मां नंदा, बड़ी जात ने लिया विराम

Mother Nanda, the presiding deity of the Himalayas, has returned to her divine abode; the 'Badi Jaat' pilgrimage has concluded.

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निज धाम में विराजमान हुईं हिमालय की अधिष्ठात्री मां नंदा, बड़ी जात ने लिया विराम

पुजारियों ने पूजा-अर्चना के बाद नंदा की डोली को सिद्धपीठ कुरुड़ के प्रांगण में किया स्थापित, गुरुवार को भी प्रांगण में ही रहेगी डोली, 25 सितंबर को गर्भगृह में प्रतिष्ठित होंगी नंदा

देहरादून, 23 सितंबर 2026: हिमालय की अधिष्ठात्री मां नंदा के निज धाम कुरुड़ पहुंचने के साथ 12 वर्ष बाद आयोजित मां नंदा की बड़ी जात ने विराम ले लिया। पुजारी मुंशी चंद्र गौड़, जनार्दन प्रसाद गौड़ व विपिन गौड़ सहित अन्य पुजारियों ने पूजा-अर्चना के बाद मां नंदा की डोली को सिद्धपीठ कुरुड़ के प्रागंण में स्थापित किया। यहां उनके दर्शन को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।

कुरुड़ में सुबह से ही लोग नंदा की राह देख रहे थे। जैसे ही नंदा की डोली कुरुड़ पहुंची, श्रद्धालुओं और हक-हकूकधारियों ने पुष्प वर्षा कर उसका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कलश यात्रा भी निकाली। इससे पूर्व, फरखेत गांव में पूजा-अर्चना के बाद नंदा ने निज धाम के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान जगह-जगह ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर मां नंदा का आशीर्वाद लिया।

कुरुड़ में बड़ी जात की सफलता पर नंदा की विशेष पूजा-अर्चना हुई। पुजारियों ने पुष्प वर्षा के बीच नंदा की डोली को मंदिर के प्रांगण में प्रतिष्ठित किया। गुरुवार को भी डोली मंदिर प्रांगण में ही रहेगी। 25 सितंबर को हवन पूजन के बाद उत्सव मूर्ति को डोली से उतारकर गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखवीर सिंह रौतेला, नंदा देवी बड़ी जात समिति के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह रावत, हर्षवर्धन बिष्ट, मोहन सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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