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45 दिन में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके बाबा मध्यमेश्वर के दर्शन

In 45 days, more than 40,000 devotees have visited Baba Madhyameshwar

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45 दिन में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके बाबा मध्यमेश्वर के दर्शन

18 किमी के दुर्गम पैदल सफर के बावजूद बड़ी संख्या में द्वितीय के दर्शन को मध्यमेश्वर धाम पहुंच रहे श्रद्धालु, यात्रा बढ़ने से घोड़ा-खच्चर संचालकों समेत स्थानीय व्यापारियों के कारोबार में आया उछाल

देहरादून, 6 जुलाई 2026 : पंचकेदार में  द्वितीय मध्यमेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 18 किमी लंबे पैदल यात्रा मार्ग की तमाम चुनौतियों के बावजूद महज 45 दिन में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं। जबकि, बीते वर्ष इसी अवधि में यह संख्या महज 8,511 थी। यानी बीते वर्ष के मुकाबले चार गुना से अधिक श्रद्धालु मध्यमेश्वर धाम पहुंचे हैं, जो धाम के प्रति बढ़ती आस्था का प्रमाण है।

रुद्रप्रयाग जनपद में समुद्रतल से 11470 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित द्वितीय केदार  मध्यमेश्वर धाम के कपाट 21 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। उसी दिन से धाम में आस्था की भीड़ उमड़ने लगी थी। मध्यमेश्वर धाम पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 18 किमी की कठिन राह पैदल नापनी पड़ती है। खड़ी चढ़ाई, घने जंगल, दुर्गम रास्ता, पल-पल बदलता मौसम और सीमित सुविधाएं इस यात्रा को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। बावजूद इसके अब तक  40,270 श्रद्धालु बाबा को शीश नवा चुके हैं। इससे मध्यमेश्वर घाटी की आर्थिकी को भी लाभ पहुंचा है। घोड़ा-खच्चर व होटल-लाज संचालकों, ढाबा और चाय की दुकानों सहित स्थानीय व्यापारियों के कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

यात्रा को कठिन बना रहा मूलभूत सुविधाओं का अभाव

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद मध्यमेश्वर यात्रा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव आज भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। पैदल मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं,  सफाई, शौचालय, पेयजल और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं अब भी संतोषजनक नहीं हैं। बड़े क्षेत्र में संचार व्यवस्था पूरी तरह बाधित रहती है, जिससे आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, संचार, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाए तो श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में आशातीत वृद्धि संभव है।

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