बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे में हेराफेरी की हो एसआईटी जांच
बदरीश संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर की यह मांग, श्री बदरीश पंडा पंचायत ने किया प्रकरण की चार सदस्यीय समिति से जांच कराने का स्वागत
देहरादून, 4 जुलाई 2026: बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की राशि में हेराफेरी को लेकर हक-हकूक से जुड़े लोगों ने भी मोर्चा खोल दिया है। बदरीश संघर्ष समिति की मांग है कि इस प्रकरण की एसआईटी से जांच कराई जाए। इस संबंध में समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा है। वहीं, श्री बदरीश पंडा पंचायत ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर मामले की चार सदस्यीय समिति से जांच कराए जाने को स्वागतयोग्य कदम बताया है।
पंडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी की ओर से भेजे गए पत्र में चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया है कि पिछले कुछ महीनों से मंदिर समिति के कर्मचारियों से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं और पैसे लेकर दर्शन करवाने की खबरें लगातार सुर्खियां बन रही हैं। इससे बदरीनाथ धाम की गरिमा को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही धार्मिक
मान्यताओं और सनातनी परंपराओं पर भी कुठाराघात हो रहा है। ध्यानी ने कहा कि इस प्रकरण के चलते पीढ़ियों से धाम से जुड़े पंडा-पुरोहितों में दुख, निराशा और गुस्से का भाव है। हालांकि, मंदिर समिति ने दान व चढ़ावे की रकम में हेराफेरी की शिकायत सामने आते ही मामले में तत्काल जांच बैठाकर स्वागतयोग्य पहल की है।
पंचायत अध्यक्ष ने कहा की वर्तमान मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की नेतृत्व क्षमता पर पंचायत को पूरा भरोसा है। इसलिए इस मामले में स्पष्ट एवं कठोर निर्णय लेते हुए एक समयबद्ध उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की जानी चाहिए। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। इसके साथ ही पंडा पंचायत ने आशंका भी जताई है कि ऐसे प्रकरण प्रयोग या संयोग के तहत साजिशन बाहर आ रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
इधर, बदरीश संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री धामी को पत्र भेजकर मामले में एसआइटी जांच बैठाने की मांग की है। पत्र में समिति के अध्यक्ष राजेश मेहता और प्रवक्ता मनदीप भंडारी ने कहा कि मंदिर समिति के एक कर्मचारी का चढ़ावा चोरी प्रकरण में नाम आना अत्यंत दुःखद और निंदनीय है। इससे बदरीनाथ धाम की मर्यादा व प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। यह धर्म के विरुद्ध किया गया एक घृणित कृत्य है, जिसकी हर स्तर पर भर्त्सना होनी चाहिए।
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-संपादक