मसूरी रोड फिर डरा रही, स्थायी समाधान के लिए बनेगी डीपीआर
पानीवाला बैंड, ग्लोगी समेत संवेदनशील स्थानों का होगा तकनीकी परीक्षण वर्षाकाल में 24 घंटे निगरानी, मलबा आने पर तत्काल खुलेगा मार्ग

देहरादून, 3 सितंबर 2026 : मसूरी रोड पर भूस्खलन और सड़क धंसने की बार-बार हो रही घटनाओं ने फिर चिंता बढ़ा दी है। वर्षाकाल में मार्ग बंद होने की समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए डीएम डॉ. आशीष चौहान ने पीडब्ल्यूडी को पानीवाला बैंड, ग्लोगी समेत अन्य संवेदनशील स्थानों का तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इन स्थानों के दीर्घकालिक समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने को कहा है।
डीएम ने बुधवार को मसूरी रोड के संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर भूस्खलन, पहाड़ी से मलबा आने और सड़क बाधित होने के कारणों का जायजा लिया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी और एनएच से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि केवल अस्थायी तौर पर मलबा हटाकर रास्ता खोलना पर्याप्त नहीं है, संवेदनशील क्षेत्रों का स्थायी समाधान जरूरी है।
भूगर्भीय स्थिति का अध्ययन कर बनेगी डीपीआर
डीएम ने निर्देश दिए कि डीपीआर तैयार करते समय संबंधित स्थानों की भूगर्भीय और तकनीकी परिस्थितियों का विस्तृत अध्ययन किया जाए। इसमें सड़क की सुरक्षा, पहाड़ी ढलानों का स्थिरीकरण, मिट्टी के ठहराव, जल निकासी, रिटेनिंग व प्रोटेक्शन कार्यों समेत अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों को शामिल किया जाए। इसका उद्देश्य वर्षाकाल में सड़क धंसने, भूस्खलन और मार्ग बंद होने की घटनाओं को कम करना है।
24 घंटे निगरानी, मशीनरी रहेगी तैयार
डीएम ने वर्षाकाल के दौरान मसूरी रोड पर 24 घंटे निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि भूस्खलन या मलबा आने से सड़क बाधित होने की स्थिति में प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मार्ग खोला जाए। इसके लिए जेसीबी, पोकलैंड, डंपर और अन्य जरूरी मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित रखने को कहा गया है।
जल निकासी दुरुस्त रखने के निर्देश
डीएम ने सड़क किनारे जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी की समुचित निकासी नहीं होने से सड़क और पहाड़ी ढलानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ता है। ऐसे में नालियों और अन्य जल निकासी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए। निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद समेत पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।



