उत्तराखंडऑफबीटयातायात

नशेड़ी परिचालक चलती बस में हुआ बेसुध, यात्रियों की कराई फजीहत, दो घंटे खड़ी रही बस

Intoxicated conductor passes out on moving bus, causing trouble for passengers; bus stranded for two hours.

खबर को सुनें


नशेड़ी परिचालक चलती बस में हुआ बेसुध, यात्रियों की कराई फजीहत, दो घंटे खड़ी रही बस

पोखड़ा जा रही थी यह बस, घटना के बाद कोटद्वार से परिवहन निगम ने भेजी दूसरी बस, तब जाकर गंतव्य के लिए रवाना किए जा सके यात्री

देहरादून, 09 सितंबर 2026: घाटे में आकंठ डूबे उत्तराखंड परिवहन निगम में अक्सर कुछ-न-कुछ ऐसा घट जाता है, जो उसकी बची-खुची साख पर भी बट्टा लगा रहा है। अब देखिए, बुधवार को कोटद्वार डिपो की कोटद्वार से पोखड़ा जा रही बस में परिचालक ने यात्रियों की ऐसी फजीहत कराई की उन्हें आधे रास्ते मे दो घंटे तक दूसरी बस के इंतजार में सिर पकड़ कर बैठे रहना पड़ा। दरअसल, परिचालक शराब के नशे में धुत्त होकर बस में ही बेहोश हो गया। ऐसे में निगम के कोटद्वार से दूसरी बस भेजी, तब जाकर यात्रियों को गंतव्य के लिए रवाना किया जा सका।

रोजाना की तरह बुधवार सुबह परिवहन निगम की बस कोटद्वार से यात्रियों को लेकर पोखड़ा के लिए रवाना हुई। लेकिन, गुमखाल से पहले एक होटल के सामने परिचालक बेसुध होकर बस के फर्श पर गिर पड़ा। यात्रियों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिचालक को 108 एंबुलेंस से कोटद्वार स्थित राजकीय बेस चिकित्सालय पहुंचाया। गुमखाल पुलिस चौकी प्रभारी संजय रावत ने बताया कि परिचालक अत्यधिक नशे में होने के कारण बेहोश हो गया था। बताया कि बस से शराब की बोतल भी बरामद हुई।

उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो को दी गई। इसके बाद डिपो से दूसरी बस मौके पर पहुंची और यात्री गंतव्य के लिए रवाना किए गए। इस संबंध में कोटद्वार डिपो के एआरएम अनुराग पुरोहित ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि परिचालक ने कोटद्वार से निकलते हुए शराब का सेवन नहीं किया था। लेकिन, दुगड्डा से तीन किमी पहले आमसौड़ में उसने चालक को बस के भीतर जली लाइटें बंद करने को कहा। उन्होंने संभावना जताई कि शायद इस दौरान ही उसने बस में शराब की सेवन किया होगा। बताया कि परिचालक को उसके परिवार वाले अपने साथ ले गए हैं।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button