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विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग से लापता दो श्रमिकों के शव भी बरामद, पूरा हुआ छह दिन से चल रहा रेस्क्यू

Bodies of two missing workers recovered from the tunnel of Vishnugad-Pipalkoti Hydroelectric Project; rescue operation that was going on for six days completed

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विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग से लापता दो श्रमिकों के शव भी बरामद, पूरा हुआ छह दिन से चल रहा रेस्क्यू

बीते 13 अगस्त की शाम सुरंग में हुआ था भारी भूस्खलन, हादसे में दस श्रमिकों की गई है जान, हादसे के दौरान सुरंग में मौजूद थे 28 श्रमिक, 12 को कर लिया गया था उसी दिन रेस्क्यू, छह स्वयं ही बचकर निकल आए थे बाहर

देहरादून, 18 अगस्त 2026: चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर हाट सियासैंण में बन रही टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टेल रेल सुरंग से मलबे में दबे दो श्रमिकों के शव भी मंगलवार सुबह बाहर निकाल लिए गए। मृतकों की पहचान झारखंड निवासी लुकास टोपनो व छत्तीसगढ़ निवासी चेतन पोयाम के रूप में हुई। इसी के साथ सुरंग में छह दिन से चल रहा खोज-बचाव अभियान भी पूरा हो गया। सुरंग हादसे में कुल दस श्रमिकों की जान गई है।

परियोजना की तीन किमी लंबी इस सुरंग में मुहाने से 1.8 किमी अंदर 13 अगस्त की शाम केविटी फटने से भारी भूस्खलन हुआ था। तब सुरंग में 28 श्रमिक मौजूद थे, जिनमें से 12 को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया था, जबकि छह स्वयं ही बचकर बाहर आ गए थे। घटना के बाद से आइटीबीपी, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, प्रशासन, पुलिस, टीएचडीसी व सीआइएसएफ के खोज-बचाव दल लापता श्रमिकों की तलाश में जुटे हुए थे। सुरंग में केविटी से लगातार हो रहे रिसाव के चलते खोज-बचाव अभियान में मुश्किलें पेश आ रही थीं। मंगलवार को सुरंग में फंसी एक्सकेवेटर मशीन के अलावा चार अन्य मशीनों को काटकर बाहर निकाला गया। इन्हीं मशीनों के नीचे मलबे में दोनों श्रमिकों के शव दबे हुए थे।

जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने बताया कि सात श्रमिकों के 13 अगस्त को ही बरामद कर लिए गए थे, जबकि एक शव रविवार को बरामद हुआ। बताया कि खोज-बचाव दलों ने आपसी समन्वय और पूरी तत्परता के साथ अभियान चलाया। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों और आधुनिक उपकरणों का प्रभावी उपयोग कर कठिन परिस्थितियों में लगातार कार्य किया। सुरंग में भरे पानी की निकासी के लिए सक्शन पंप समेत आवश्यक उपकरणों की मदद ली गई, जिससे अंदरूनी हिस्सों तक बचाव दलों की पहुंच सुनिश्चित हो सकी। उन्होंने बचाव दलों समेत संबंधित विभागों व कार्मिकों के समन्वित प्रयासों के लिए उनका आभार जताया। हालांकि, हादसे के बाद से टेल रेस सुरंग के साथ मुख्य सुरंग में काम बंद है। टीएचडीसी के तकनीकी दल की जांच के बाद ही आगे का कार्य शुरू होगा।


सुरंग से इन 12 श्रमिकों को निकाला गया सुरक्षित

  • सुनील दीवान, निवासी छत्तीसगढ़

  • हारबिल गुड़िया, निवासी तपरा (झारखंड)

  • कमड़ा, निवासी झारखंड

  • निस्तर भिंगरा, निवासी झारखंड

  • विनोद रावना, निवासी झारखंड

  • दीना बेगरा, निवासी झारखंड

  • खेला राम बिसरा, निवासी झारखंड

  • सुबेग सिंह, निवासी पंजाब।

  • तिलकराज, निवासी हिमाचल प्रदेश

  • पेन सिंह, निवासी छत्तीसगढ़

  • रोहित पाण्डे, निवासी बिहार

  • गोविंदो मंडल, निवासी पश्चिम बंगाल

हादसे में इन श्रमिकों की गई जान

  • जितेंद्र कुमार, निवासी उत्तर प्रदेश

  • प्रदीप पंवार, निवासी टिहरी गढ़वाल

  • मुकेश सिंह, निवासी चमोली

  • दुर्लभ शर्मा, निवासी उत्तर प्रदेश

  • विजय हंसदा, निवासी उत्तर प्रदेश

  • लोकेश्वर पोयम, निवासी छत्तीसगढ़

  • भुनेश्वर, निवासी छत्तीसगढ़

  • देवनाथ बघेल, निवासी छत्तीसगढ़

  • लुकास टोपनो, निवासी झारखंड

  • चेतन पोयम, निवासी छत्तीसगढ़

Global Ganga News

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