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चमोली के पोखरी क्षेत्र में भालू का आतंक, आए दिन मवेशियों पर कर रहा हमला

Bear menace in Chamoli’s Pokhari area; frequent attacks on livestock.

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चमोली के पोखरी क्षेत्र में भालू का आतंक, आए दिन मवेशियों पर कर रहा हमला

 

पोखरी क्षेत्र की चंद्रशिला पट्टी के गांवों में एक सप्ताह के भीतर भालू ने तीन गाय और एक बैल को मार डाला, भालू के लगातार हमलों के बावजूद वन विभाग नहीं ले रहा लोगों की सुध

देहरादून, 28 अक्टूबर 2026: चमोली जनपद के पोखरी विकासखंड की चन्द्रशिला पट्टी के गांवों में भालू के हमले लगातार जारी हैं। एक सप्ताह में वह चार मवेशियों को मार चुका है, जिससे लोगों में दहशत है। उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

बीती रात डुंगर गांव में भालू ने राजेंद्र सिंह नेगी की गोशाला तोड़कर उनकी गाय को मार डाला। एक रात पहले उसने किमोठा गांव में इंदू देवी किमोठी की गोशाला तोड़कर दुधारू गाय को मार डाला था। यही नहीं, एक सप्ताह पहले कांडई चंद्रशिला गांव में संजय किमोठी की दुधारू गाय भी भालू के हमले में मारी गई थी। इसके अलावा जौरासी गांव में शिवलाल का बैल भी भालू ने मार दिया। इन घटनाओं से ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब दो माह पहले सिदेली गांव में भालू के हमले के दौरान चट्टान से गिरकर जेठानी-देवरानी की मौत हो गई थी। उनका कहना है कि लगातार हमलों के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है और सिर्फ आश्वासनों से पेट भरा जा रहा है।

ग्राम पंचायत डुंगर के पूर्व प्रधान बलवीर सिंह परमार, जौरासी की प्रधान मीनाक्षी देवी, कांडई चंद्रशिला के प्रधान भगत सिंह भंडारी, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश रड़वाल व किमोठा के प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण आदि ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मारे गए मवेशियों का उचित मुआवजा देने, प्रभावित क्षेत्र में वनकर्मियों की तैनाती करने व उन्हें जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने और भालुओं को पकड़ने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पिंजरे लगाने की मांग की है।

केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं ने बताया कि वन दारोगा आनंद सिंह रावत को वनकर्मियों के साथ डुंगर भेजा गया है। टीम को स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद मुआवजे की रिपोर्ट तैयार कर नियमानुसार भुगतान किया जाएगा। पहले के मामलों की रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।

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