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पिंजरे में कैद हुआ बडोली का आतंकी गुलदार

Badoli's terror-causing leopard trapped in a cage.

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पिंजरे में कैद हुआ बडोली का आतंकी गुलदार

करीब एक माह पूर्व गुलदार के हमले में बुरी तरह घायल हो गई थी गांव की एक महिला, इसके बाद ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग की ओर से लगाया गया था गांव के पास पिंजरा

देहरादून, 07 अक्टूबर 2026: पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लाक स्थित बडोली गांव के लोगों को करीब एक महीने बाद गुलदार के आतंक से निजात मिली है। वहां आतंक
का पर्याय बना गुलदार बुधवार सुबह 5:30 बजे के आसपास गांव के नजदीक लगे पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग का दावा है कि यह वही गुलदार है, जिसने करीब एक माह पूर्व बडोली की एक महिला को घायल कर दिया था।

यमकेश्वर ब्लाक में गुलदार की दहशत लगातार बनी हुई थी। एक महीने पहले बडोली गांव की एक महिला पर गुलदार ने हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया था। इसे देखते हुए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया हुआ था। बुधवार सुबह गुलदार पिंजरे में कैद हुआ तो उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। लैंसडौन वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी गौरव वर्मा ने बताया कि 12 सितंबर को बडोली गांव में पिंजरा लगाया गया था। वन विभाग की टीम लगातार गुलदार पर नजर बनाए हुए थी। गुलदार को चिड़ियापुर स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है।

ठूंडा गांव में गाय बनी गुलदार का निवाला

बडोली गांव से मात्र तीन किमी दूर स्थित ठूंडा गांव में गुलदार की दहशत बरकरार है। यहां ग्रामीणों को गुलदार सड़क पर घूमता हुआ नजर आ रहा है। मंगलवार को अपराह्न करीब तीन बजे ठूंडा निवासी महेंद्र सिंह गांव के पास ही गाय चरा रहे थे। इसी दौरान गुलदार ने गाय पर हमला कर उसे मार डाला। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में गश्त बढ़ाने की मांग की। वन दारोगा दाताराम ने बताया कि ग्रामीण महेंद्र सिंह की गाय के मुआवजे की प्रक्रिया पूरी कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।

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