
31 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होगी फूलों की घाटी
इस बार रिकार्ड पर्यटकों के पहुंचने से बढ़ी फूलों की घाटी पार्क प्रशासन की आमदनी, नाममात्र के फूल, फिर भी इन दिनों घाटी की सैर को पहुंच रहे पर्यटक, पार्क प्रशासन को हुई लगभग 67.08 लाख रुपये की आय
देहरादून, 29 अक्टूबर 2026: विश्व धरोहर फूलों की घाटी शनिवार 31 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दी जाएगी। इसके बाद घाटी की सैर के लिए पर्यटकों को अगले वर्ष एक जून तक का इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि, घाटी की दुर्लभ जैव विविधता, वनस्पति व वन्यजीवों के संरक्षण को पार्क प्रशासन की निगरानी व गश्त जारी रहेगी। इस वर्ष रिकार्ड संख्या में पर्यटकों के घाटी की सैर को पहुंचने से पार्क प्रशासन की आमदनी भी बढ़ी है। इन दिनों घाटी से हिमाच्छादित पहाड़ों की सुंदरता देखते ही बन रही है।
चमोली जिले में समुद्रतल से 12,995 फीट की ऊंचाई पर 87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली फूलों की घाटी एक जून को पर्यटकों के लिए खोली गई थी। उसी दिन से यहां पर्यटकों की अच्छी-खासी आमद होने लगी थी। तब से अब तक 35,261 पर्यटक घाटी की सैर कर चुके हैं। इनमें 265 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। पर्यटकों की इस रिकार्ड आमद को घाटी की बढ़ती लोकप्रियता और अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह कि इन दिनों भी पर्यटकों की आमद हो रही है, जबकि अब घाटी में नाममात्र के ही फूल नजर आ रहे हैं। घाटी का पीक सीजन जुलाई-अगस्त में माना जाता है। फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान के रेंज अधिकारी आशीष जिरवाण बताते हैं कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पार्क प्रशासन को लगभग 67.08 लाख रुपये की आय हुई है।



