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टोला गांव में भालू ने छीना लोगों का सुख-चैन, उजाड़ रहा घर

In Tola village, a bear has robbed people of their peace and comfort, and is wreaking havoc on their homes.

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टोला गांव में भालू ने छीना लोगों का सुख-चैन, उजाड़ रहा घर

दस अक्टूबर से टिहाी जिले के इस गांव में आतंक मचाए हुए है भालू, रात को उजाड़ रहा पठालों वाली छत, दस दिन तक वन विभाग की टीम गांव में रही तो आसपास नहीं फटका भालू, टीम के जाते ही फिर बोला मकान पर धावा

देहरादून, 22 अक्टूबर 2026 : टिहरी जनपद के कीर्तिनगर विकासखंड के दुर्गम गांव टोला में भालू ने लोगों का सुख-चैन छीनकर रख दिया है। 21 अक्टूबर की
रात उसने गांव में फिर कहर बरपाया। भालू ने उसी मकान पर धावा बोला, जिसकी पठालों वाली छत वह पहले भी क्षतिग्रस्त कर चुका है। जबकि, वन विभाग की गश्त
के दौरान दस दिन तक उसने गांव में किसी तरह का नुकसान नहीं किया था।

बीते दस अक्टूबर की रात भालू ने टोला गांव में राजेंद्र सिंह पुंडीर और उनके पड़ोस में स्थित स्व. शूरवीर सिंह के मकान की छत को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। हालांकि, वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए थे, बावजूद इसके दूसरी रात भालू ने हरदेव सिंह, सुरेंद्र सिंह और मंदीप सिंह के मकान की छत भी तोड़ डाली। इस पर रेंजर संजय बेलवाल समेत अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और कर्मचारियों ने गांव में रात को गश्त शुरू कर दी। इस दौरान भालू न तो गांव में दिखा, न कैमरे में कैद ही हुआ। इस पर गांव वालों की सहमति से कर्मचारी अपने उपकरण समेटकर चले गए, लेकिन उनके लौटने के दो दिन बाद ही 21 अक्टूबर की रात भालू सुरेंद्र सिंह के उसी मकान की छत को तोड़ गया, जिसे वह 11 अक्टूबर की रात क्षतिग्रस्त कर चुका था।

इस बीच हरदेव सिंह, मंदीप सिंह व सुरेंद्र सिंह ने अपने क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत करवा दी थी। अब फिर भालू के आतंक से गांव में लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीण विजयपाल सिंह ने बताया कि वन विभाग को इस घटना की सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी यदि क्षतिग्रस्त घर में ही डेरा डालें तो भालू को पकड़ा जा सकता है।

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