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हिमालय की चारधाम यात्रा 16 नवंबर को लेगी विराम, इसी दिन बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
The Char Dham Yatra in the Himalayas will conclude on November 16; the portals of Badrinath Dham will also close on this day.

हिमालय की चारधाम यात्रा 16 नवंबर को लेगी विराम, इसी दिन बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
16 नवंबर को कर्क लग्न में रात नौ बजकर 37 मिनट पर बंद किए जाएंगे धाम के कपाट, 17 नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल पांडुकेश्वर स्थित योग-ध्यान बदरी मंदिर के रवाना होगी उत्सव डोली यात्रा, भगवान नारायण के वाहन गरुड़ की डोली सीधे पहुंचेगी ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर
देहरादून, 20 अक्टूबर 2026: उत्तराखंड हिमालय के चारधाम में प्रथम बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने की तिथि एवं मुहूर्त विजयदशमी पर्व पर मंगलवार को घोषित कर दिए गए। धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9:37 बजे बंद किए जाएंगे, जबकि धाम से भगवान नारायण के प्रतिनिधि उद्धवजी, खजांची कुबेरजी, भगवान के वाहन गरुड़जी व आदि शंकराचार्य की गद्दी डोली यात्रा 17 नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल योग-ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेगी।
विजयदशमी पर्व पर मंदिर परिसर में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, धर्माधिकारी आचार्य स्वयंवर सेमवाल, वेदपाठी डा. रवींद्र भट्ट व आचार्य वाणी विलास डिमरी की मौजूदगी में रावल अमरनाथ नंबूदरी ने कपाट बंद होने की तिथि व मुहूर्त की घोषणा की। इस मौके पर दंडी स्वामी मुकुंदानंद सरस्वती, बीकेटीसी के पूर्व उपाध्यक्ष किशोर पंवार, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, पूर्व सदस्य भास्कर डिमरी, पं. मोहित सती, पंडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी, उपाध्यक्ष सुधाकर बाबुलकर, माणा के पूर्व प्रधान पीतांबर मोल्फा, बाबा उदय सिंह, अतुल डिमरी, संजय तिवारी, राहुल नेगी,
सत्येंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।
2027 में भंडार व्यवस्था संचालन के लिए भेंट की गई पगड़ी
समारोह श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से वर्ष 2027 के लिए धाम में भंडार व्यवस्था संचालन को मेहता थोक से उमेश भट्ट व शिवम मेहता और कमदी-भंडारी थोक से महेंद्र भंडारी व जगदीश पंवार को पगड़ी भेंट की गई।
उत्सव डोली यात्रा का कार्यक्रम
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17 नवंबर : रावल अमरनाथ नंबूदरी की अगुआई में भगवान नारायण के प्रतिनिधि उद्धवजी, खजांची कुबेरजी, भगवान के वाहन गरुड़जी व आदि शंकराचार्य की गद्दी डोली यात्रा शीतकालीन प्रवास स्थल योग-ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेगी। गरुड़जी की डोली यहां से सीधे ज्योतिर्मठ रवाना हो जाएगी, जबकि उद्धवजी व कुबेरजी के विग्रह मंदिर में विराजमान होंगे।
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18 नवंबर : आदि शंकराचार्य की गद्दी डोली पांडुकेश्वर से ज्योतिर्मठ पहुंचकर नृसिंह मंदिर में विराजमान होगी।
पंच पूजा के कार्यक्रम
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12 नवंबर : गणेश मंदिर के बंद होंगे कपाट
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13 नवंबर : आदि केदारेश्वर मंदिर व आदि शंकराचार्य मंदिर के बंद होंगे कपाट
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14 नवंबर : खडग पुस्तक पूजन और वेद ऋचाओं का वाचन बंद होगा
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15 नवंबर : माता लक्ष्मी को लगेगा कढ़ाई भोग, भगवान नारायण के साथ गर्भगृह में विराजमान होने का दिया जाएगा न्योता
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16 नवंबर : माता लक्ष्मी गर्भगृह में होंगी विराजमान, कुबेरजी व उद्धवजी गर्भगृह से आएंगे बाहर, इसके बाद रात 9:37 बंद किए जाएंगे धाम के कपाट



