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कैलास जाने के लिए सिद्धपीठ कुरुड़ के गर्भगृह से बाहर आई लोकदेवी नंदा की डोली

The palanquin of the folk goddess Nanda emerged from the sanctum sanctorum of the sacred shrine of Kurud, setting out for Kailash.

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कैलास जाने के लिए सिद्धपीठ कुरुड़ के गर्भगृह से बाहर आई लोकदेवी नंदा की डोली

शनिवार पांच सितंबर को दोपहर बाद कैलास के लिए रवाना होगी नंदा देवी की बड़ी जात, उच्च हिमालय में 296 किमी की दूरी तय करती यह धार्मिक यात्रा, कुरुड़ में शुरू हुआ तीन दिवसीय मां नंदा-राजराजेश्वरी बड़ी जात सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास मेला

देहरादून, 04 सितंबर 2026: कैलास प्रस्थान के लिए दशोली व बधाण की अधिष्ठात्री देवी नंदा गुरुवार को मां नंदा देवी सिद्धपीठ कुरुड़ के गर्भगृह से बाहर आकर मंदिर परिसर में विराजमान हो गईं। यहां गौड़ ब्राह्मणों ने देवी नंदा की पूजा-अर्चना की। इसके अलावा मां नंदा देवी बड़ी जात की अगुआई करने वाला चौसिंग्या खाडू भी सुंग गांव से कुरुड़ पहुंच गया। पांच सितंबर को दोपहर बाद बड़ी जात कैलास के लिए रवाना होगी। इसी के साथ कुरुड़ में तीन दिवसीय मां नंदा-राजराजेश्वरी बड़ी जात सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास मेला भी शुरू हो गया।

सिद्धपीठ कुरुड़ में गुरुवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। इसी दौरान कुरुड़ के गौड़ ब्राह्मणों मुंशी चंद्र गौड़, दिनेश गौड़, योगेश गौड़, मंशा गौड़, राकेश गौड़, किशोर गौड़, संजय गौड़ आदि ने पूजा-अर्चना के बाद दशेाली व बधाण की नंदा डोलियों को मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकालकर परिसर में मुख्य द्वार के पास विराजमान किया। पांच सितंबर की दोपहर तक श्रद्धालु यहां देवी नंदा के दर्शन कर सकेंगे। उधर, इस मौके पर क्षेत्र पंचायत प्रमुख हेमा नेगी ने मां नंदा-राजराजेश्वरी बड़ी जात सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास मेला का भी उद्घाटन किया।

इस दौरान विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं व महिला मंगलदलों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत (सेनि) ने बताया कि बड़ी जात की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मां नंदा की डोली पांच सिंतबर को दोपहर बाद विधि-विधान से उच्च हिमालय के लिए रवाना होगी। इस अवसर पर कुरुड़ मेला कमेटी के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला, रामणी श्री नंदा देवी लोक सांस्कृतिक पर्यटन विकास मेले के अध्यक्ष सूरज सिंह पंवार, जिला पंचायत सदस्य भगवती देवी, कनिष्ठ उप प्रमुख युद्धवीर सिंह, प्रधान संगठन के अध्यक्ष अवतार सिंह आदि मौजूद रहे।

सुंग गांव से कुरुड़ पहुंचा यात्रा का पथ-प्रदर्शक चौसिंग्या खाडू

गुरुवार को सुंग गांव से यात्रा का पथ प्रदर्शक चौसिंग्या खाडू भी कुरुड़ पहुंच गया। यहां उसे मां नंदा को समर्पित किया गया। शनिवार पांच सिंतबर को इसी की अगुआई में नंदा देवी बड़ी जात कैलास के लिए प्रस्थान करेगी। चार सींग वाले इस खाडू का जन्म सुंग गांव स्थित रमेश सिंह बिष्ट की गोशाला में हुआ था। वसंत पंचमी को बड़ी जात का दिनपट्टा निकलने के अवसर पर इसे मां नंदा को अर्पित करने का संकल्प लिया गया था।

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