
केदारघाटी के प्रवेश द्वार रुद्रप्रयाग में रोजाना हो रहा वैज्ञानिक ढंग से पांच टन कचरे का निस्तारण
50 सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है इसकी निगरानी, जल्द लगेंगे 20 और कैमरे, खुले में कूड़ा फेंकने पर अब तक दो लोगों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई
देहरादून, 01 अगस्त 2026: केदारघाटी के प्रवेश द्वार रुद्रप्रयाग की नगर पालिका परिषद ने स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए नगर को हाईटेक बनाने की दिशा कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत नगर में रोजाना पांच टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। नगर क्षेत्र में 50 सीसीटीवी कैमरों से सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता व्यवस्था की
निगरानी की जा रही है, जबकि व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए जल्द 20 और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की तैयारी है।
नगर पालिका रुद्रप्रयाग की ओर से नगर के सात वार्डों में 22 महिला कर्मियों के माध्यम से घर-घर जाकर कूड़े को इकट्ठा किया जा रहा है। वहीं, 42 सफाईकर्मी प्रतिदिन सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई में जुटे रहते हैं। नगर क्षेत्र से हर दिन करीब पांच टन कचरे का शत-प्रतिशत वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे न केवल शहर की स्वच्छता बनी हुई
है, बल्कि कचरा प्रबंधन से नगर पालिका को आय भी प्राप्त हो रही है। स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों से सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों की निगरानी भी की जा रही है। अब तक दो लोगों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई भी हो चुकी है, जबकि 10 से 15 अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
पालिकाध्यक्ष संतोष रावत बताते हैं कि वर्तमान में नगर क्षेत्र में 50 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। 20 और कैमरे जल्द लगा दिए जाएंगे। नगर को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक बनाने के लिए तकनीक और बेहतर कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर में एकत्र होने वाले कचरे का शत-प्रतिशत वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित कर रुद्रप्रयाग को स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श नगर बनाने का लक्ष्य है।



