शिक्षा

26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मिली मान्यता, आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर जोर

देहरादून के छह, हरिद्वार के 19 और ऊधमसिंहनगर के एक संस्थान को मिले प्रमाणपत्र

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देहरादून, 3 सितंबर 2026 : उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में सरकार ने पहल की है। बुधवार को देहरादून के आईआरडीटी सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इनमें देहरादून के छह, हरिद्वार के 19 और ऊधमसिंहनगर का एक संस्थान शामिल है। कार्यक्रम की थीम ‘नई पहचान, नया सम्मान, आधुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य’ रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से 26 संस्थानों को मान्यता मिलना शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक शुरुआत है। शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना भी जरूरी है।

किताबी ज्ञान के साथ तकनीकी दक्षता जरूरी

सीएम ने कहा कि मौजूदा दौर विज्ञान, तकनीक, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। ऐसे में बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक ज्ञान और तकनीकी दक्षता से जोड़ना समय की जरूरत है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे बच्चों की प्रतिभा सामने आए और वे अपनी रुचि के अनुसार डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, लेखक, वैज्ञानिक या अन्य क्षेत्र में भविष्य बना सकें। उन्होंने कहा कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बच्चों में व्यावहारिक समझ, रोजगारपरक कौशल, शोध और नई तकनीकों को समझने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।

सरकार का उद्देश्य किसी वर्ग को निशाना बनाना नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसी व्यक्ति या वर्ग को निशाना बनाना नहीं है। समान नागरिक संहिता और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने और हर बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए काम कर रही है। उत्तराखंड की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की रही है। सरकार व्यक्ति की पहचान या वर्ग के बजाय उसके कार्य और योगदान को महत्व देती है।

इन संस्थानों को मिली मान्यता

देहरादून के मदरसा जामिया इस्लामिया, जामिया दारूल उलूम रमजानिया, जामिया सबीलुर्रशाद, जामिया सय्यिदा फातिमातुज्जाहरा, जामिया रहीमिया प्राइमरी स्कूल और मदरसा अरबिया तालीमुल कुरआन समेत छह संस्थानों को मान्यता दी गई। हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों के 19 मदरसों और शिक्षण संस्थानों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। वहीं ऊधमसिंहनगर के एमजीएन पब्लिक स्कूल, केलाखेड़ा को नवीन मान्यता दी गई। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास, उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव समेत विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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