
दून में दस दिन रहेगी उत्तराखंड कौथिग की धूम
अखिल गढ़वाल सभा की ओर से 24 अक्टूबर से दो नवंबर तक रेंजर्स कॉलेज ग्राउंड में किया जा रहा कौथिग का आयोजन, कौथिग का सभा के हीरक जयंती वर्ष पर होना बना रहा इसे खास

देहरादून, 18 अक्टूबर 2026: राजधानी देहरादून में 24 अक्टूबर से दस दिन तक उत्तराखंड कौथिग की धूम रहेगी।अखिल गढ़वाल सभा की ओर से आयोजित कौथिग की शुरुआत रेंजर्स कॉलेज ग्राउंड में शाम पांच बजे से होगी। इस बार कौथिग सभा के हीरक जयंती वर्ष पर आयोजित हो रहा है, जिसकी तैयारियां इन दिनों जोर-शोर से चल रही हैं।
अखिल गढ़वाल सभा के महासचिव गजेंद्र भंडारी ने बताया कि कौथिग का उद्घाटन शाम पांच बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। इसके बाद छह बजे से उत्तराखंड के लोकनृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा। 25 अक्टूबर से होने वाले कार्यक्रमों को ब्योरा निम्नवत है-
25 अक्टूबर
पूर्वाह्न 11.00 बजे से : थड़िया-चौंफला नृत्यों का प्रदर्शन।
शाम 6.00 बजे से : उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध लोक गायकों पद्मश्री बंसती बिष्ट, अनिल बिष्ट, रोहित चौहान, भूपेन्द्र बसेड़ा, आलोक मलासी व अज्जू तोमर की गीत संध्या।
26 अक्टूबर
पूर्वाह्न 11.00 बजे से : छात्र-छात्राओं की चित्रकला प्रतियोगिता।
शाम 6.00 बजे से : विश्वविद्यालय-तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की ओर से लोकनृत्यों का प्रदर्शन ।
27 अक्टूबर
पूर्वाह्न 11.00 बजे से : उत्तराखंडी महिलाओं की आंचलिक वेशभूषा प्रतियोगिता।
शाम 6.00 बजे से : विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य ।
28 अक्टूबर
पूर्वाह्न 11.00 बजे से : स्कूली छात्र-छात्राओं की समूहगान प्रतियोगिता।
शाम 6.00 बजे से : उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध लोक गायकों गजेन्द्र राणा, सौरभ मैठाणी, बिशन हरियाला, रेशमा शाह व मंजू सुन्द्रियाल की गीत संध्या।
29 अक्टूबर
पूर्वाह्न 11.00 बजे से : पांडव नृत्य-गैंडा वध की प्रस्तुति।
शाम 6.00 बजे से : सुप्रसिद्ध कवि-कवयित्रियों का गढ़वाली कवि सम्मेलन।
30 अक्टूबर
पूर्वाह्न 11.00 बजे से : अनुरागी बन्धुओं की लोकगीत प्रस्तुति।
शाम 6.00 बजे से : गढ़वाली रामलीला प्रदर्शन (लेखक-निर्देशक कुलानन्द घनशाला)
31 अक्टूबर
पूर्वाह्न 11.00 बजे से : खेल-कूद प्रतियोगिता (महिला/पुरुष)।
शाम 6.00 बजे से : उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध लोक गायकों गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी, संगीता ढौडियाल, रमेश बाबू गोस्वामी, सन्नी दयाल व संतोष खेतवाल की गीत संध्या।
एक नवम्बर
पूर्वाह्न 11.00 बजे से : उत्तरकाशी के लोक नृत्यों का प्रदर्शन।
शाम 6.00 बजे से : उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्व लोकगायकों प्रीतम भरतवाण, मीना राणा, विवेक नौटियाल, खुशी जोशी व मनोज सागर की गीत संध्या।
दो नवम्बर
पूर्वाह्न 11.00 बजे से : उत्तराखण्ड की पौराणिक गाथा पर आधारित लोकनाट्य ‘चक्रव्यूह’ का प्रदर्शन। (लेखक-निर्देशक- डॉ. डीआर पुरोहित)
शाम 6.00 बजे से : उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध लोकगायकों किशन महिपाल, दर्शन फर्स्वाण, दीपा नगरकोटी व हेमा करासी नेगी की गीत संध्या।
नोट : समय एवं परिस्थिति अनुसार कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है।



