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जुलाई में सामान्य रही मानसून की रफ्तार, अगस्त में पकड़ेगा जोर

Monsoon remained normal in July, will gain strength in August

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जुलाई में सामान्य रही मानसून की रफ्तार, अगस्त में पकड़ेगा जोर

जुलाई में सामान्य से नौ प्रतिशत अधिक हुई वर्षा, लेकिन पूरे मानसून सीजन में अब तक पांच प्रतिशत कम बरसे बदरा,  बागेश्वर में सबसे ज्यादा मेहरबान रहा मानसून, पौड़ी और चंपावत में सबसे कम वर्षा हुई रिकार्ड

देहरादून, 31 जुलाई 2026 : कहा जा रहा था कि मानसून की गति धीमी रहेगी, लेकिन उत्तराखंड में जुलाई के दौरान मानसून ने रफ्तार पकड़ी और पूरे प्रदेश में सामान्य से नौ प्रतिशत अधिक वर्षा रिकार्ड की गई। हालांकि, एक जून से 31 जुलाई तक पूरे मानसून सीजन  की बात करें तो राज्य में अब तक 567 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य (594 मिलीमीटर) से  पांच प्रतिशत कम है। अब अगस्त के शुरुआती सप्ताह में मानसून के जोर पकड़ने का अनुमान है। इससे प्रदेश काे अच्छी वर्षा मिलेगी।

जुलाई में बागेश्वर सबसे अधिक वर्षा वाला जिला रहा, जहां 830 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हुई। यह सामान्य से 203 प्रतिशत अधिक है। इसके बाद चमोली  जिले में 76 प्रतिशत, टिहरी जिले में 51 प्रतिशत और हरिद्वार जिले में 40 प्रतिशत वर्षा रिकार्ड की गई, जो सामान्य से काफी अधिक है। वहीं, चंपावत में 31 प्रतिशत प्रतिशत, पौड़ी में 45 प्रतिशत कम और नैनीताल में 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई, जो सामान्य से काफी कम है। अस्थायी राजधानी देहरादून में जुलाई के दौरान 556 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य (534 मिलीमीटर) से चार प्रतिशत अधिक रही।

एक जून से 31 जुलाई तक के मानसून सीजन पर नजर डालें तो केवल बागेश्वर (134 प्रतिशत), चमोली (49 प्रतिशत), टिहरी (33 प्रतिशत), हरिद्वार (छह प्रतिशत)
और अल्मोड़ा (चार प्रतिशत) में सामान्य से अधिक बारिश हुई। दूसरी और पौड़ी गढ़वाल (-48 प्रतिशत), चंपावत (-35 प्रतिशत), नैनीताल (-35 प्रतिशत), पिथौरागढ़ (-13 प्रतिशत) और देहरादून (-10 प्रतिशत) समेत ज्यादातर जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा रिकार्ड की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई में हुई अच्छी बारिश ने जून की कमी को काफी हद तक पूरा किया, लेकिन प्रदेश अभी भी मानसून सीजन के कुल आंकड़ों में सामान्य से पीछे है। यदि अगस्त में भी अच्छी वर्षा होती है तो सीजन का कुल वर्षा संतुलन सामान्य या उससे अधिक हो सकता है।

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