
साधु बनकर आया और चुरा ले गया भगवान नारायण का मणि जड़ित मुकुट, गिरफ्तार
बदरीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल स्थित ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम से चुराया मुकुट, भजन-कीर्तन के लिए ली थी उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती निवासी इस व्यक्ति ने आश्रम में शरण, आश्रम में ठहरे एक व्यक्ति के बैग से नकदी भी उड़ाई, हनुमानचट्टी रोड के पास चढ़ा पुलिस के हत्थे
देहरादून, 30 जुलाई 2026: बदरीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल तीर्थ स्थित ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम से भगवान नारायण का मणि जड़ित सोने का मुकुट और नकदी चोरी जाने का खुलासा हुआ है। यहां भजन-कीर्तन में शामिल होकर एक साधु वेषधारी व्यक्ति ने इस चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपित को चोरी के मुकुट के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
27 जुलाई को ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम के ब्रह्मचारी भगवत दास ने बदरीनाथ कोतवाली में दी तहरीर देकर बताया कि आश्रम में भजन-कीर्तन के लिए शरण लेने वाले एक व्यक्ति राघवदास ने 24 जुलाई की रात मंदिर से भगवान नारायण का लगभग पांच लाख रुपये मूल्य का मणि जड़ित स्वर्ण मुकुट और नकदी चोरी कर ली है। इसकी जानकारी मिलते ही एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू करवा दी। उन्होंने कहा कि यह केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।
आरोपित की शीघ्र गिरफ्तारी और चोरी हुए भगवान नारायण के मुकुट की बरामदगी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जिले में बैरियर लगाकर चेकिंग अभियान चलाया। टीम ने तकनीकी और सूचना तंत्र को सक्रिय करते हुए घटनास्थल और आसपास की गहन छानबीन की। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए आरोपित की खोजबीन की गई।
गुरुवार को आरोपित के बारे में जानकारी मिली तो उपनिरीक्षक भूपेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बदरीश गंगा वाटिका गेट व हनुमानचट्टी रोड के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे आरोपित को दबोच लिया गया। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के ग्राम मुनीमपुर-भिनगा (श्रावस्ती) निवासी 57 वर्षीय राघवराम पाठक उर्फ राघवदास के रूप में हुई।



