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हेमकुंड साहिब यात्रा के बेस कैम्प घांघरिया पहुंचा श्रद्धालुओं का पहला जत्था, आज खुलेंगे विश्व के सबसे ऊंचे गुरुद्वारा के कपाट

The first group of pilgrims reached Ghangaria, the base camp for the Hemkund Sahib Yatra; the doors of the world's highest gurdwara will open today.

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हेमकुंड साहिब यात्रा के बेस कैम्प घांघरिया पहुंचा श्रद्धालुओं का पहला जत्था, आज खुलेंगे विश्व के सबसे ऊंचे गुरुद्वारा के कपाट

पहले जत्थे में हेमकुंड साहिब जा रहे हैं 3,000 से अधिक श्रद्धालु, आज सुबह पहुंचेंगे हेमकुंड, पांच क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से की गई है गुरुद्वारे की भव्य सजावट, पहले दिन होगी सिर्फ एक ही अरदास

देहरादून, 22 मई 2026: पंज प्यारों की अगुआई में 3,000 से अधिक श्रद्धालुओं का पहला जत्था शुक्रवार को गुरुद्वारा गोविंदघाट से हेमकुंड यात्रा के बेस कैंप घांघरिया पहुंच गया। चमोली जिले की भ्यूंडार घाटी में समुद्रतल से 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित गुरूद्वारा हेमकुंड साहिब के कपाट आज खोले जाने हैं।

गुरुद्वारा गोविंदघाट में अखंड साहिब पाठ, शबद-कीर्तन व अरदास के बाद हुक्मनामा लेकर शुक्रवार सुबह नौ बजे श्रद्धालुओं का पहला जत्था घांघरिया के लिए रवाना हुआ। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा व सीईओ सरदार सेवा सिंह ने जत्थे को रवाना किया। 13 किमी की पैदल यात्रा के बाद जत्था शाम को घांघरिया पहुंचा, जहां स्थानीय
निवासियों ने उसका भव्य स्वागत किया। यह जत्था आज सुबह पांच बजे हेमकुंड के लिए रवाना होगा और नौ बजे वहां पहुंचेगा। फिर परंपरानुसार धाम के कपाट खोले दिए जाएंगे।

कपाट खुलने के इस उत्सव को यादगार बनाने के लिए गुरुद्वारे को पांच क्विंटल फूलों से सजाया गया है। ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने बताया कि परंपरानुसार सचखंड साहिब से गुरुग्रंथ साहिब को लाकर दरबार साहिब में विराजमान करने के बाद अखंड साहिब पाठ, शबद-कीर्तन, अरदास व हुक्मनामा लिया जाएगा। पहले दिन एक ही अरदास होगी।

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