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चीन सीमा से लगी नीती घाटी में फटा बादल, उफान पर आया तमक नाल, बेली ब्रिज बहा, बीआरओ का हवलदार लापता

Cloud burst in Niti Valley along the China border, Tamak Naal overflows, Bailey Bridge washed away, BRO constable missing

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चीन सीमा से लगी नीती घाटी में फटा बादल, उफान पर आया तमक नाल, बेली ब्रिज बहा, बीआरओ का हवलदार लापता

नीती घाटी में मची तबाही, घरों, खेतों और सेब के बागीचों को भारी नुकसान, पांच वाहन बहे, प्रशासन ने लोगों को नदी तटों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा, मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोकी, जेसीबी ऑपरेटर ने सूझबूझ से बचाई जान, जेसीबी भी उफान से सुरक्षित निकाली, पिछले वर्ष भी बह गया था यहां पुल

देहरादून, 10 अगस्त 2026: चमोली जनपद की नीती घाटी में बुग्याल के ऊपर बादल फटने से तमक नाले में उफान आ गया। इससे चीन सीमा को जोड़ने वाले ज्योतिर्मठ-नीती-मलारी हाईवे पर बना बेली ब्रिज बह गया। इस दौरान सुरक्षित स्थान की ओर भाग रहे सीमा सड़क संगठन के हवलदार पंकज कुमार भी उफान की चपेट में आकर लापता हो गए। बाढ़ से कई घरों, खेतों और सेब के बागीचों को भारी नुकसान पहुंचा है और पांच वाहन भी उफान में बह गए। अलबत्ता, एक जेसीबी ऑपरेटर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए न केवल अपनी जान बचाई, बल्कि जेसीबी को भी जैसे-तैसे उफान से सुरक्षित निकाल लिया।

तमक नाला अलकनंदा नदी में मिलता है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी तटों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। बता दें कि पिछले वर्ष भी 31 अगस्त को आए उफान में तमक नाले पर बना आरसीसी पल बह गया था।

 

ज्योतिर्मठ से लगभग 40 किमी दूर अपराह्न तीन बजे के आसपास तमक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा और शाम साढ़े चार बजे के आसपास नाला पूरी तरह उफनाने लगा। इससे नीती-मलारी हाईवे का कुछ हिस्सा भी डूब गया। शाम पांच बजे के आसपास नाले में ऐसा सैलाब आया कि उस पर बना 120 मीटर लंबा बेली ब्रिज भरभराकर ढह गया। उफान पुल के पास खड़े बीआरओ के बोलेरो कैंपर वाहन को भी बहा ले गया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सैलाब के साथ आए मलबे ने कुछ देर के लिए धौली गंगा का प्रवाह भी अवरुद्ध कर दिया। बाढ़ के दौरान मौके पर मौजूद बीआरओ के आफीसर्स कमांडेंट सहित अन्य कर्मचारियों, श्रमिकों व स्थानीय ग्रामीणों ने भाग कर जान बचाई। घटना के बाद एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं।

स्थानीय प्रशासन, पुलिस व संबंधित विभाग भी राहत-बचाव कार्य में जुटे हैं। बताया जा रहा कि मौसम अनुकूल रहने पर तीन-चार दिन में नाले पर ह्यूम पाइप डालकर हाईवे खोल दिया जाएगा। इसके बाद सीमा क्षेत्र मे आवाजाही शुरू हो जाएगी। फिलहाल नीती घाटी के 14 से अधिक गांवों का संपर्क कटा हुआ है।

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