उत्तराखंडऑफबीटपर्यटनप्रेरणाराष्ट्रीय

माउंट भागीरथी-II चोटी के आरोहण को रवाना हुआ 5 गढ़वाल राइफल्स का दल

A team from the 5 Garhwal Rifles has set out to scale Mount Bhagirathi-II.

खबर को सुनें


माउंट भागीरथी-II चोटी के आरोहण को रवाना हुआ 5 गढ़वाल राइफल्स का दल

10 सितंबर से माउंट भागीरथी-II के आरोहण को रवाना हुआ 5 गढ़वाल राइफल्स का दल10 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान के तहत अभियान दल उत्तरकाशी जिले में स्थित 6,512 मीटर ऊंची माउंट भागीरथी-II चोटी का करेगा आरोहण

देहरादून, 08 सितम्बर 2026: भारतीय सेना की 5 गढ़वाल राइफल्स का पर्वतारोही दल मंगलवार को माउंट भागीरथी-II के आरोहण को रवाना हुआ। 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान के तहत यह 12 सदस्यीय दल उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित 6,512 मीटर ऊंची माउंट भागीरथी-II चोटी पर तिरंगा लहराएगा।

अभियान दल को 9 इन्फेंट्री डिवीजन के डिप्टी जनरल आफिसर कमांडिंग ब्रिगेडियर शब्बरुल हसन ने फ्लैग आफ किया।  इस दौरान उन्होंने अभियान दल के लीडर एवं डिप्टी लीडर को प्रतीकात्मक आइस ऐक्स प्रदान कर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। साथ ही दल को सफल एवं सुरक्षित अभियान के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

अभियान दल ने पिछले डेढ़ माह के दौरान कठोर शारीरिक प्रशिक्षण, पर्वतारोहण अभ्यास एवं उच्च ऊंचाई पर अनुकूलन के माध्यम से अभियान के लिए व्यापक तैयारी की है। बता दें कि माउंट भागीरथी-II अभियान सेना के साहस, दृढ़ता, अनुशासन एवं साहसिक भावना का परिचायक है। अभियान दल का उद्देश्य चुनौतीपूर्ण पर्वतीय परिस्थितियों में अपने कौशल एवं दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते हुए माउंट भागीरथी-II की चोटी पर तिरंगा लहराना और यूनिट एवं फॉर्मेशन का नाम गौरवान्वित करना है।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button