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पौड़ी में बाघिन ट्रेंकलाइज,  रुद्रप्रयाग में गुलदार कैद

Tigress tranquilized in Pauri, leopard captured in Rudraprayag

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पौड़ी में बाघिन ट्रेंकलाइज,  रुद्रप्रयाग में गुलदार कैद

जयहरीखाल ब्लॉक स्थित अमलेसा ग्राम पंचायत के डाल्यूंगाज तोक में पांच दिसंबर को कर दिया था बाघ ने एक महिला का शिकार, जोंदला अगस्त्यमुनि क्षेत्र में एक माह पूर्व महिला को बना दिया था गुलदार ने निवाला

देहरादून, 15 दिसंबर 2025: बीते पांच दिसंबर को पौड़ी जिले के जयहरीखाल ब्लॉक स्थित अमलेसा ग्राम पंचायत के डाल्यूंगाज तोक में एक महिला को निवाला बनाने वाली बाघिन को वन विभाग ने रविवार तड़के ट्रेंकलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया। कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत सिंह ने बाघिन को ट्रेंकलाइज किया। यहां से उसे रेक्स्यू सेंटर ले जाया गया है। वहीं,  रुद्रप्रयाग जिले के जोंदला अगस्त्यमुनि क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने शनिवार रात एक गुलदार को पिंजरे में कैद करने में सफलता पाई। जोंडला (पाला मल्ली) में महीनेभर पहले गुलदार ने एक महिला को निवाला बना दिया था।

इसी माह पांच तारीख को डाल्यूंगाज तोक में उर्मिला देवी के बाघ का निवाला बनने के बाद वन विभाग ने घटनास्थल के समीप पिंजरा लगा दिया था। वहीं  बाघ को ट्रेंकलाइज करने की अनुमति मिलने के साथ कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत सिंह ने भी गांव में मोर्चा संभाल लिया। चार दिन से वे बाघ की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखे हुए थे। रविवार सुबह करीब चार बजे उन्हें बाघ को बेहोश करने में सफलता मिली। उन्होंने बताया कि यह मादा बाघ है और इसकी उम्र करीब दो वर्ष है। खास बात यह कि बाघिन पूरी तरह स्वस्थ है।

ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह ने बताया कि बाघिन के कैद होने के बाद भी क्षेत्र में लोग ख़ौफ़ज़दा हैं। वह अकेले कहीं जाने से बच रहे हैं। यहां तक कि किसी कार्य से सेंधीखाल अथवा ढौंटियाल की ओर जाना हो तो चार-पांच लोग साथ जा रहे हैं। बच्चों को स्कूल भी  मैक्स वाहन से भेजा जा रहा  है।

उधर, गुलदार प्रभावित अगस्त्यमुनि क्षेत्र के पाला मल्ली गांव में वन विभाग की टीम लगातार गश्त, निगरानी व तकनीकी उपकरणों की मदद आदमखोर की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही थी। गुलदार को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा भी लगाया गया था। जिसमें शनिवार रात आखिरकार गुलदार कैद हो ही गया। अब विशेषज्ञ उसकी जांच करेंगे, ताकि पता लग सके कि यही आदमखोर है।

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