उत्तराखंडऑफबीटजंगली जानवरों का शिकारडरतेंदुए का हमला

बुजुर्ग ने गुलदार के जबड़े से छुड़ाई गाय

Elderly man frees cow from leopard's jaws.

खबर को सुनें


बुजुर्ग ने गुलदार के जबड़े से छुड़ाई गाय

बीरोंखाल ब्लाक स्थित ग्राम कोलरी निवासी 75-वर्षीय रमेश चंद्र भदूला ने साहस का परिचय देते हुए गुलदार के जबड़े में जकड़ी अपनी गाय को सुरक्षित छुड़ाया

देहरादून, 05 सितंबर 2026: पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लाक स्थित ग्राम कोलरी निवासी 75-वर्षीय रमेश चंद्र भदूला ने साहस का परिचय देते हुए गुलदार के जबड़े से अपनी गाय को सुरक्षित छुड़ा लिया। इस घटना के बाद से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और गांव के नजदीक पिंजरा लगाने की मांग की है।

घटना शनिवार की है। कोलरी निवासी रमेश चंद्र हमेशा की तरह गांव के पास ही खेतों में अपने मवेशी चुगा रहे थे। इसी बीच झाड़ियों ने घात लगाकर बैठे गुलदार ने गाय पर हमला कर दिया और उसे घसीटते हुए झाड़ियों की तरफ ले जाने लगा। ऐसे में रमेश चंद्र ने साहस का परिचय देते हुए मौके से भागने के बजाय शोर मचाते हुए गुलदार पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, लेकिन गुलदार गाय को खींचता रहा। यह देख बुजुर्ग ने अपनी छतरी से गुलदार पर हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से गुलदार घबरा कर जंगल की ओर भाग गया। हालांकि, रमेश चंद्रजब मवेशियों को लेकर घर की ओर लौट रहे थे तो गुलदार एक बार फिर रास्ते में आ धमका। इस बार भी उन्होंने शोर मचाते हुए गुलदार पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, तब जाकर वह दोबारा रास्ते में नहीं आया।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button