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गरुड़ छाड़ मेले में भगवान नारायण और उनके वाहन गरुड़ के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Crowds of devotees gathered at the Garuda Chhad fair to have darshan of Lord Narayana and his vehicle Garuda

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गरुड़ छाड़ मेले में भगवान नारायण और उनके वाहन गरुड़ के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

बदरीनाथ धाम के शीतकालीन गद्दीस्थल नृसिंह मंदिर की पांच क्विंटल फूलों से की गई है भव्य सजावट, प्रतीकात्मक रूप से 170 मीटर लंबी रस्सी के सहारे भगवान नारायण के वाहन गरुड़ को भेजा गया बदरीनाथ धाम, भगवान नारायण की पाषाण मूर्ति झूलते हुए भक्तों के बीच पहुंची

देहरादून, 20 अप्रैल 2026: बदरीनाथ धाम की यात्रा शुरू होने से पहले परंपरा का निर्वहन करते हुए सोमवार को ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर में गरुड़ छाड़ मेले का आयोजन हुआ। इसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान नारायण के वाहन गरुड़ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। यह आयोजन भगवान नारायण के बदरीनाथ धाम प्रस्थान का प्रतीक माना जाता है।

मेले का मुख्य आकर्षण भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ का अद्वितीय मिलन रहा। इस दौरान राजकीय इंटर कालेज ज्योतिर्मठ से नृसिंह मंदिर तक लगभग 170 मीटर लंबी रस्सी बांधी गई थी। एक ओर से गरुड़ भगवान को रस्सी के सहारे नीचे भेजा गया तो दूसरी ओर से भगवान विष्णु (कृष्ण स्वरूप) की पाषाण मूर्ति झूलते हुए भक्तों के बीच पहुंची। देव पुजाई समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूदरी ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है, जो भगवान के बदरीनाथ धाम प्रस्थान का सूचक है।

वहीं, बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तैयारियों के बीच शीतकालीन गद्दीस्थल नृसिंह मंदिर को पांच क्विंटल फूलों से सजाया गया है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि पहली बार नृसिंह मंदिर के साथ अन्य मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है। बताया कि गाडू घड़ा यात्रा भी ज्योतिर्मठ पहुंच चुकी है। इस अवसर पर बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, पंडित मोहित सती आदि मौजूद रहे।

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